"अप्रैल की तपिश में अचानक मची तबाही... आसमान से गिरी ऐसी आफत कि पल भर में सफेद हो गई धरती!"
सूरज की तपिश के बीच अचानक मौसम ने ऐसी करवट ली कि सब कुछ तहस-नहस हो गया। आसमान से बरसी 'सफेद आफत' ने खेतों का हुलिया ही बदल दिया है।
राजस्थान: प्रदेश में गर्मी की दस्तक के बीच मौसम ने खौफनाक करवट ली है। एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से राजस्थान के बड़े हिस्से में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला। शुक्रवार को आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि ने न केवल तापमान गिरा दिया, बल्कि किसानों की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है।
1. इन जिलों में मची सबसे ज्यादा तबाही: मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का सबसे घातक असर उत्तरी राजस्थान में देखा गया। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जैसलमेर जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई है। श्रीगंगानगर के पदमपुर में सबसे ज्यादा 11.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई।
2. खेतों में बिछ गई सफेद चादर: सबसे चौंकाने वाला नजारा बीकानेर संभाग के अर्जुनसर और राजियासर क्षेत्रों में देखने को मिला। यहाँ दोपहर करीब 3:15 बजे ऐसी भीषण ओलावृष्टि हुई कि कुछ ही मिनटों में खेत बर्फ की सफेद चादर से ढंक गए। स्थानीय किसानों का कहना है कि इतने बड़े आकार के ओले उन्होंने कई सालों बाद देखे हैं, जिसने गेहूं और सरसों की तैयार फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
3. धूल के गुबार से दिन में अंधेरा: शेखावाटी क्षेत्र और पश्चिमी राजस्थान के चूरू (सरदारशहर) और जैसलमेर में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने आसमान को पूरी तरह ढंक लिया। धूल के गुबार की वजह से दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई कि सड़कों पर चल रहे वाहनों को दिन में ही हेडलाइट जलानी पड़ी। जयपुर, अजमेर, सीकर और नागौर में भी दिन भर बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बौछारें पड़ती रहीं।
4. अगले 48 घंटे बेहद भारी: मौसम विभाग ने शनिवार (4 अप्रैल) को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग के लिए अलर्ट जारी किया है। राहत की बात यह है कि रविवार और सोमवार को गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 अप्रैल को एक और नया और मजबूत विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जो फिर से तबाही मचा सकता है।
5. प्रशासन की अपील: खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने किसानों को अपनी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने और आमजन को आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी है।