उत्तर प्रदेश ATS की बड़ी सफलता: ISIS ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े BDS छात्र हारिश अली को मुरादाबाद से गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर जिहादी विचारधारा फैला रहा था, पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क

उत्तर प्रदेश ATS ने मुरादाबाद से सहारनपुर निवासी BDS दूसरे वर्ष के छात्र हारिश अली को ISIS के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया। वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर जिहादी विचारधारा फैला रहा था, युवाओं को भर्ती कर रहा था। पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क का दावा, UAPA के तहत केस दर्ज।

Mar 17, 2026 - 11:30
उत्तर प्रदेश ATS की बड़ी सफलता: ISIS ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े BDS छात्र हारिश अली को मुरादाबाद से गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर जिहादी विचारधारा फैला रहा था, पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क

लखनऊ/मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश), 17 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। मुरादाबाद से प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान सहारनपुर जिले के मानक मऊ मोहल्ला निवासी 19 वर्षीय हारिश अली पुत्र रियासत अली के रूप में हुई है। वह मुरादाबाद के एक निजी मेडिकल कॉलेज में BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) के दूसरे वर्ष का छात्र है।

एटीएस के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से लगातार खुफिया सूचनाएं मिल रही थीं कि उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में ISIS से जुड़े कुछ लोग ऑनलाइन नेटवर्क चला रहे हैं। ये लोग सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए कट्टरपंथी जिहादी विचारधारा फैला रहे थे और युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे। उनका मुख्य मकसद भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकना और शरिया कानून के तहत खलीफा व्यवस्था स्थापित करना था। जांच में पता चला कि हारिश अली ISIS के हैंडलर्स और अन्य "मुजाहिदीन" साथियों से संपर्क में था।

प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि हारिश ने इंस्टाग्राम, डिस्कॉर्ड और अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर फर्जी नामों से ग्रुप बनाए थे। वह ISIS की प्रचार सामग्री शेयर कर रहा था, युवाओं को रेडिकलाइज कर रहा था और भर्ती के लिए प्रेरित कर रहा था। आरोपी ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करके अपनी पहचान छिपाई थी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से भी संपर्क में था, हालांकि एटीएस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

एटीएस ने 16 मार्च 2026 को मुरादाबाद से हारिश अली को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। जांच में उसके द्वारा बनाए गए ग्रुप्स, चैट्स और प्रोपेगैंडा सामग्री की जांच चल रही है। एटीएस का कहना है कि यह गिरफ्तारी ISIS के ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण कदम है। आरोपी के खिलाफ UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश में आतंकवाद विरोधी अभियान की एक और मिसाल है। एटीएस ने पिछले कुछ सालों में कई ISIS से जुड़े मॉड्यूल्स को बेनकाब किया है। ISIS अब फिजिकल हमलों से ज्यादा ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन पर फोकस कर रहा है। सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को आसानी से प्रभावित किया जा रहा है। हारिश अली जैसे छात्रों का शामिल होना चिंताजनक है, क्योंकि वे पढ़ाई के साथ-साथ कट्टरपंथ फैला रहे थे।

सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे इलाकों में युवा आबादी ज्यादा है और सोशल मीडिया का इस्तेमाल व्यापक है। एटीएस ने कहा कि जांच में अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। अगर नेटवर्क बड़ा निकला तो और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। स्थानीय लोग और अभिभावक इस घटना से हैरान हैं। एक स्थानीय ने कहा, "एक BDS छात्र ऐसा कर रहा था, यह सोचकर डर लगता है।"एटीएस के अधिकारी ने बताया, "हम लगातार ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। युवाओं को कट्टरपंथ से बचाने के लिए जागरूकता जरूरी है।" इस मामले में आगे की जांच जारी है। अगर हारिश अली के संपर्क में और लोग आए तो बड़ा नेटवर्क उजागर हो सकता है। यह गिरफ्तारी देश में ISIS के ऑनलाइन खतरे को फिर से उजागर करती है

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.