‘साथ नहीं नाचूंगी’ कहा तो तान दी रिवॉल्वर… फिर कमरे में घुसकर पूछा- ‘एक रात का कितना लोगी?’ डांसर का दर्द सुन दहल जाएंगे आप
तालियों, तेज म्यूजिक और उड़ते नोटों के पीछे छिपी एक ऐसी दुनिया… जहां हर रात डर, बेइज्जती और मजबूरी से लड़ना पड़ता है। पंजाब की एक स्टेज डांसर ने अपनी जिंदगी के ऐसे दर्दनाक किस्से सुनाए, जिन्हें जानकर हर कोई सन्न रह गया।
पंजाब की रंगीन शादियों, तेज म्यूजिक और चमचमाती लाइटों के बीच स्टेज पर थिरकती लड़कियां अक्सर लोगों को ग्लैमर और शोहरत की दुनिया का हिस्सा नजर आती हैं। लेकिन उस चमक के पीछे कितनी जिल्लत, डर, मजबूरी और दर्द छिपा होता है, इसकी सच्चाई बहुत कम लोग जानते हैं। ऐसी ही एक कहानी है लुधियाना की स्टेज डांसर अंजली चौधरी की, जिन्होंने अपनी जिंदगी के दर्दनाक अनुभव साझा किए।
अंजली बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें डांस का बेहद शौक था। टीवी पर गाने चलते तो वह खुद को रोक नहीं पाती थीं। लेकिन परिवार को उनका डांस करना बिल्कुल पसंद नहीं था। पिता अक्सर डांटते और मारते थे। इसके बावजूद उनके भीतर का जुनून खत्म नहीं हुआ।
17 साल की उम्र में घर छोड़ दिया
अंजली ने बताया कि 17 साल की उम्र में वह घर छोड़कर अमृतसर चली गईं, जहां उनकी एक दोस्त स्टेज डांसर थी। शुरुआत में सब कुछ सपने जैसा लगा। पहला शो किया तो 3 हजार रुपये मिले। उन्हें लगा कि जिंदगी का रास्ता मिल गया है।
लेकिन कुछ ही दिनों में स्टेज की दूसरी सच्चाई सामने आने लगी। दूसरे शो में ही एक व्यक्ति लगातार गंदे इशारे करने लगा। जब अंजली ने विरोध किया तो उन्हें कहा गया कि “स्टेज पर यह सब नॉर्मल है।” उस दिन वह रोते हुए घर लौट आई थीं।
‘नाचोगी नहीं तो गोली मार दूंगा’
अंजली ने अपने करियर का सबसे डरावना किस्सा बताते हुए कहा कि एक शादी समारोह में उनकी साथी डांसर को एक नशे में धुत युवक ने स्टेज पर रिवॉल्वर दिखाकर अपने साथ नाचने के लिए मजबूर कर दिया।
उन्होंने बताया कि युवक ने सीधे माथे पर बंदूक तान दी और कहा- “अगर मेरे साथ नहीं नाची तो यहीं गोली मार दूंगा।” डर के मारे उनकी साथी को उसके साथ डांस करना पड़ा। उस रात अंजली को एहसास हुआ कि लोग स्टेज डांसर को कलाकार नहीं, बल्कि मनोरंजन की वस्तु समझते हैं।
‘एक रात का कितना लोगी?’
अंजली बताती हैं कि स्टेज पर परफॉर्म करने वाली लड़कियों को अक्सर गलत नजर से देखा जाता है। लोग डांस खत्म होने के बाद फोन नंबर मांगते, गंदी बातें करते और कई बार सीधे पूछ लेते- “एक रात का कितना लोगी?”
उन्होंने कहा कि कई बार लोग स्टेज पर चढ़कर जबरदस्ती हाथ पकड़ने लगते थे। एक बार तो एक युवक ने स्टेज के पीछे जाकर उनके कपड़ों में हाथ डालने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने उसका कॉलर पकड़ लिया था।
शादी ने और बढ़ा दी मुश्किलें
लगातार अपमान और अकेलेपन के बीच अंजली की मुलाकात एक भांगड़ा डांसर से हुई। उन्हें लगा कि शायद शादी के बाद जिंदगी संभल जाएगी। लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही पति का व्यवहार बदल गया।
पति मारपीट करने लगा। ससुराल वालों ने भी उन्हें “नाचने वाली” कहकर अपमानित किया। अंजली ने आरोप लगाया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें घर से निकालने की साजिश तक रची गई।
बच्चों के लिए फिर स्टेज पर लौटीं
पति से झगड़े और आर्थिक तंगी के बीच अंजली ने कुछ समय पार्लर में नौकरी की, लेकिन खर्च चलाना मुश्किल हो गया। आखिरकार बच्चों की परवरिश के लिए उन्हें फिर स्टेज पर लौटना पड़ा।
आज अंजली अपने दो बच्चों की परवरिश अकेले कर रही हैं। वह चाहती हैं कि उनके बच्चों को कभी वह जिंदगी न देखनी पड़े, जो उन्होंने देखी।
‘स्टेज की चमक सिर्फ बाहर से अच्छी लगती है’
अंजली कहती हैं कि स्टेज की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से उतनी ही दर्दनाक होती है। तालियां, नोट और म्यूजिक कुछ देर का भ्रम देते हैं, लेकिन म्यूजिक बंद होते ही असली संघर्ष शुरू हो जाता है।
उनकी कहानी सिर्फ एक डांसर की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम महिलाओं की आवाज है जो मजबूरी, समाज की सोच और हालात के बीच अपनी जिंदगी से रोज लड़ाई लड़ रही हैं।