शपथ लेते वक़्त विजय को राज्यपाल ने बीच में क्यों टोका, CM बनते ही विजय ने कौनसा बड़ा एलान किया... जानिए
तमिलनाडु में एक्टर से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन समारोह के दौरान अचानक ऐसा पल आया जब राज्यपाल अर्लेकर को उन्हें बीच में रोकना पड़ा। इसके बाद विजय ने ऐसे फैसले लिए, जिसने राज्य की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया।
तमिलनाडु की राजनीति में रविवार को ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख और अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई राजनीतिक और फिल्मी हस्तियां मौजूद रहीं।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक दिलचस्प पल भी देखने को मिला। विजय तय शपथ पाठ से अलग कुछ अतिरिक्त बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा कि वे केवल वही पढ़ें जो शपथपत्र में लिखा है। इसके बाद विजय ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया और निर्धारित शपथ पूरी की।
विजय के साथ 9 मंत्रियों ने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री विजय के साथ उनकी पार्टी TVK के 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस कीर्तना शामिल हैं। खास बात यह रही कि विजय के पहले मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों के किसी विधायक को जगह नहीं दी गई।
29 वर्षीय सेल्वी एस कीर्तना विजय कैबिनेट की सबसे युवा मंत्री बनीं, जबकि पार्टी महासचिव एन आनंद सबसे वरिष्ठ चेहरों में शामिल रहे।
CM बनते ही एक्शन मोड में दिखे विजय
शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री विजय ने दस्तावेजों के पहले सेट पर हस्ताक्षर किए। इनमें घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष बल गठित करने और राज्य में ड्रग्स के खिलाफ सख्त अभियान चलाने जैसे फैसले शामिल हैं।
अपने पहले संबोधन में विजय ने कहा कि वे किसी शाही परिवार से नहीं आते और जनता ने उन्हें स्वीकार किया है, इसलिए वे लोगों को झूठे वादों से धोखा नहीं देंगे। उन्होंने पिछली DMK सरकार पर राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपए का कर्ज छोड़ने का आरोप भी लगाया।
विजय की पहली स्पीच की बड़ी बातें
मुख्यमंत्री विजय ने अपने संबोधन में कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति पर जल्द ही ‘श्वेत पत्र’ जारी किया जाएगा ताकि जनता को वास्तविक हालात पता चल सकें। उन्होंने साफ कहा कि सरकार में सत्ता का कोई दूसरा केंद्र नहीं होगा और निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी। विजय ने कहा कि तमिलनाडु में अब “असली धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय के नए युग” की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML का सरकार बनाने में समर्थन देने के लिए आभार भी जताया।
59 साल बाद टूटा DMK-AIADMK का दबदबा
तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि 1967 के बाद पहली बार राज्य में DMK और AIADMK के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है। पिछले करीब 59 सालों से राज्य की राजनीति इन दोनों द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही थी।
TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 में से 108 सीटें जीत लीं। इसके बाद कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के समर्थन से विजय के पास 121 विधायकों का आंकड़ा पहुंच गया, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी।
सरकार बनाने तक ऐसा चला राजनीतिक घटनाक्रम
4 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से दूर थी। 5 मई को कांग्रेस ने DMK से गठबंधन तोड़कर विजय को समर्थन दिया। इसके बाद वामपंथी दलों और फिर VCK व IUML के समर्थन से विजय बहुमत का आंकड़ा पार कर सके। राज्यपाल अर्लेकर से विजय को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए चार बार मिलना पड़ा। आखिरकार 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपने के बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया।
शपथ समारोह में दिखा फिल्मी और राजनीतिक संगम
समारोह में राहुल गांधी के अलावा तमिल फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां भी पहुंचीं। एक्ट्रेस तृषा कृष्णन, संगीता और सिंगर कृष समेत कई सितारे समारोह का हिस्सा बने। अभिनेता कमल हासन ने सोशल मीडिया पर विजय को बधाई देते हुए लिखा कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। स्टेडियम के बाहर विजय समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। चेन्नई के कई इलाकों में LED स्क्रीन लगाकर शपथ समारोह का सीधा प्रसारण किया गया।
फैन क्लब से सत्ता तक का सफर
विजय की राजनीतिक सफलता के पीछे उनके मजबूत फैन नेटवर्क को बड़ी वजह माना जा रहा है। उनके फैंस संगठन ‘विजय मक्कल यक्कम’ ने चुनाव प्रचार से लेकर बूथ मैनेजमेंट तक अहम भूमिका निभाई। यही मॉडल पहले MGR, जयललिता और पवन कल्याण जैसे नेताओं के लिए भी सफल साबित हुआ था। विजय के छोटे-छोटे फैन क्लबों को मिलाकर बने इस संगठन ने पहली रैली में ही करीब 8 लाख लोगों की भीड़ जुटाई थी। इसी जनाधार को विजय ने राजनीतिक ताकत में बदल दिया।
तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
एक्टर से मुख्यमंत्री बने विजय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की होगी। हालांकि शपथ लेते ही लिए गए फैसलों से उन्होंने यह संकेत जरूर दे दिया है कि उनकी सरकार तेज फैसले लेने के मूड में है। तमिलनाडु की राजनीति में 59 साल बाद आए इस बड़े बदलाव ने राज्य की सत्ता का पूरा समीकरण बदल दिया है और अब सबकी नजर विजय सरकार के पहले फैसलों और आने वाले फ्लोर टेस्ट पर टिकी हुई है।