“पचपदरा रिफाइनरी आग कांड की इनसाइड स्टोरी आई सामने! क्या थी असली वजह? जानिए पूरी खबर”
राजस्थान के ड्रीम प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग के बाद अब HPCL ने पूरा सच सामने रखा है। जांच में आग की असली वजह का खुलासा हुआ है और साथ ही प्रोजेक्ट की टाइमलाइन को लेकर भी बड़ी जानकारी दी गई है।
राजस्थान के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को हुई अग्नि दुर्घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। इस घटना के बाद से जहां कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, वहीं अब इस मेगा प्रोजेक्ट को संचालित करने वाली कंपनी Hindustan Petroleum Corporation Limited ने आधिकारिक रूप से पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
कंपनी की सहयोगी इकाई HPCL Rajasthan Refinery Limited ने सोशल मीडिया के जरिए न केवल आग लगने की असली वजह बताई, बल्कि यह भी साफ किया कि प्रोजेक्ट पर इसका लंबा असर नहीं पड़ेगा।
आग की असली वजह क्या थी?
HPCL द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, घटना की गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आग एक सीमित क्षेत्र तक ही रही।
- आग मुख्य रूप से हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित थी।
- इस हादसे में कुल 6 एक्सचेंजर और उनसे जुड़े उपकरण प्रभावित हुए।
जांच में सबसे अहम खुलासा यह हुआ कि वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से रिसाव (Leakage) हुआ था, जिसने इस आग को जन्म दिया। यानी एक तकनीकी खामी ने इस बड़े हादसे को जन्म दिया।
रिस्टोरेशन वर्क: कितने दिन में पटरी पर आएगी रिफाइनरी?
कंपनी ने साफ किया है कि नुकसान का आकलन करने के बाद मरम्मत का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।
- 3 से 4 सप्ताह में मरम्मत कार्य पूरा होने की उम्मीद है
- क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में फिर से शुरू किया जाएगा
- अन्य सहायक इकाइयों पर इस आग का कोई खास असर नहीं पड़ा और वे पहले से तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही हैं
मई 2026: उत्पादन शुरू होने की तैयारी
अग्निकांड के बावजूद HPCL ने उत्पादन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
- मई 2026 में LPG, पेट्रोल (MS), डीजल (HSD) और नैफ्था का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू होगा
- इसके बाद यूनिट्स को स्थिर कर पूरी क्षमता के साथ चालू किया जाएगा
इससे साफ है कि प्रोजेक्ट की टाइमलाइन में बड़ा बदलाव नहीं होगा।
सुरक्षा पर क्या कहा HPCL ने?
कंपनी ने अपने बयान में परिचालन सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। HPCL का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील तकनीकी पॉइंट्स—जैसे प्रेशर गेज—की सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।
निष्कर्ष
पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने जहां शुरुआत में कई सवाल खड़े किए थे, वहीं अब HPCL के खुलासे के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस हादसे के बावजूद राजस्थान के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की रफ्तार पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा और तय समय के आसपास ही उत्पादन शुरू होने की उम्मीद बनी हुई है।