आखिर क्यों महिला ने तोड़ डालीं शिव परिवार की मूर्तियां, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

सुबह मंदिर पहुंचे ग्रामीणों ने जब शिव परिवार की मूर्तियां गायब देखीं तो हड़कंप मच गया। कुछ दूरी पर खेत में टूटी मूर्तियां मिलने के बाद गांव में गुस्सा फैल गया, लेकिन पुलिस जांच में सामने आई महिला की कहानी ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।

May 10, 2026 - 15:57
आखिर क्यों महिला ने तोड़ डालीं शिव परिवार की मूर्तियां, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

गणेश्वर/सीकर: सीकर जिले के गणेश्वर क्षेत्र के बल्लभदासपुरा गांव में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर में शिव परिवार की मूर्तियों को खंडित कर खेत में फेंकने का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है, जबकि शनिवार सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली। मूर्तियों की इस हालत को देखकर गांव के लोग भावुक हो गए और बड़ी संख्या में मंदिर परिसर के बाहर एकत्र हो गए।

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब पांच बजे गांव के कुछ युवक रोजाना की तरह मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। मंदिर के अंदर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि शिव परिवार की मूर्तियां अपनी जगह पर नहीं थीं। पहले तो उन्हें लगा कि शायद मंदिर में सफाई या किसी धार्मिक कार्य के कारण मूर्तियां हटाई गई हों, लेकिन कुछ ही देर बाद आसपास तलाश करने पर मंदिर से थोड़ी दूरी पर खेत में खंडित अवस्था में मूर्तियां पड़ी मिलीं।

यह दृश्य देखते ही गांव में खबर फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। गांव में माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

पुलिस जांच में सामने आई हैरान करने वाली कहानी

सदर थाना अधिकारी राजेश डूडी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने एक युवक और एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में महिला ने मूर्तियां तोड़ने और खेत में फेंकने की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला की पहचान लाली देवी के रूप में हुई है। महिला ने बताया कि वह लंबे समय से जीवन में लगातार दुख और पारिवारिक परेशानियों से गुजर रही थी। इसी वजह से वह भगवान से नाराज हो गई थी और गुस्से में आकर उसने मंदिर की मूर्तियों को खंडित कर खेत में फेंक दिया।

लगातार दुखों ने तोड़ दिया था हौसला

पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि उसके परिवार पर पिछले कई वर्षों से लगातार दुखों का पहाड़ टूट रहा था। उसके तीन बेटे थे, जिनमें से एक बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है। दूसरा बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जबकि तीसरे बेटे की भी गंभीर बीमारी के चलते वर्ष 2014 में मौत हो गई थी।

महिला ने यह भी बताया कि उसका पति एक हाथ से दिव्यांग है और परिवार आर्थिक व मानसिक परेशानियों से जूझ रहा है। लगातार दुख मिलने के कारण उसके मन में भगवान के प्रति नाराजगी भर गई थी। इसी मानसिक स्थिति में उसने यह कदम उठा लिया।

गांव में बनी रही तनावपूर्ण स्थिति

घटना के बाद गांव में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने और धार्मिक स्थलों पर निगरानी की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाइश देकर शांत कराया और भरोसा दिलाया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। बाद में महिला को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत दे दी गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

आस्था और संवेदनाओं से जुड़ा मामला

गांव के लोगों का कहना है कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि पूरे गांव की आस्था और भावनाओं का केंद्र है। ऐसे में मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटना ने लोगों को भीतर तक आहत किया है। हालांकि महिला की पारिवारिक परिस्थितियों और मानसिक स्थिति को लेकर भी गांव में चर्चा बनी हुई है।

यह घटना एक तरफ जहां धार्मिक आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला बन गई, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि लगातार दुख और मानसिक तनाव किस तरह इंसान को टूटने पर मजबूर कर सकते हैं।

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