PM Modi: विजय के CM बनते ही पीएम मोदी ने क्यों कहा- ‘कांग्रेस पीठ में छुरा घोंप देती है’? मंच से दिए बड़े संकेत
बेंगलुरु की रैली में पीएम मोदी ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को बधाई दी, लेकिन कुछ ही पलों बाद कांग्रेस पर ऐसा हमला बोला जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी। ‘विश्वासघात’ और ‘पीठ में छुरा’ जैसे शब्दों के पीछे आखिर क्या है पूरा सियासी खेल?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु में आयोजित एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को बधाई दी, लेकिन साथ ही कांग्रेस पर सत्ता के लिए सहयोगियों को छोड़ देने और विश्वासघात करने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कांग्रेस को “परजीवी पार्टी” और “पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी” बताते हुए कहा कि सत्ता की लालच में यह पार्टी अपने पुराने सहयोगियों को भी नहीं छोड़ती।
तमिलनाडु की राजनीति का दिया उदाहरण
रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक DMK के साथ गठबंधन कर राजनीतिक फायदा उठाया, लेकिन जैसे ही हालात बदले, उसने अपना रास्ता बदल लिया। पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 25-30 सालों से कांग्रेस और DMK के बीच करीबी रिश्ते रहे हैं। कई बार DMK ने कांग्रेस को संकट से बाहर निकाला। यहां तक कि 2014 से पहले 10 साल तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार काफी हद तक DMK के समर्थन से टिकी रही।”उन्होंने आगे कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस ने राजनीतिक फायदा देखते ही DMK को छोड़ दिया।
“सत्ता के लिए पीठ में छुरा घोंपा”
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता की भूख में कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने कहा,“सत्ता की लालच में अंधी कांग्रेस ने पहला मौका मिलते ही DMK की पीठ में छुरा घोंप दिया। अब कांग्रेस को फिर किसी दूसरी पार्टी की जरूरत है, जिसके कंधे पर बैठकर वह आगे बढ़ सके।” पीएम मोदी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
विजय को दी बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को भी बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार राज्य के विकास और जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी। तमिलनाडु में हाल ही में TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उनकी पार्टी ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया और सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाई।
नई कैबिनेट में कांग्रेस को नहीं मिली जगह
विजय सरकार की नई कैबिनेट में 9 मंत्रियों को शामिल किया गया है। इसमें TVK के करीबी नेताओं और कुछ युवा चेहरों को मौका मिला है। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि सरकार को समर्थन देने के बावजूद कांग्रेस के किसी भी विधायक या नेता को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी मुद्दे को लेकर अब तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो सकते हैं।
DMK ने भी कांग्रेस पर लगाए थे आरोप
दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी की आलोचना से पहले DMK भी कांग्रेस पर इसी तरह के आरोप लगा चुकी है। DMK नेताओं ने कहा था कि कांग्रेस ने उन्हें धोखा दिया और सत्ता के लिए गठबंधन बदल लिया। DMK के प्रस्ताव में कहा गया था कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में वही किया है, जो BJP पर वह दूसरे राज्यों में करने का आरोप लगाती है। DMK ने यह भी कहा था कि उसने कांग्रेस को 28 विधानसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट दी थी, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस ने कुछ ही दिनों में दूसरा रास्ता चुन लिया।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल
विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक ओर नई सरकार अपने फैसलों को लेकर चर्चा में है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, DMK और BJP के बीच बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विजय सरकार आने वाले दिनों में अपने सहयोगियों और विपक्ष के साथ किस तरह राजनीतिक संतुलन बनाकर चलती है।