उदयपुर में पुलिस अधिकारियों की बड़ी भ्रष्टाचार की घटना: NDPS केस में 4 लोगों को बचाने के बदले 20 लाख मांगे, 8 लाख की रिश्वत लेते SHO और कॉस्टेबल ACB की गिरफ्त में

उदयपुर के मांडवा थाने के एसएचओ निर्मल कुमार खत्री और कॉस्टेबल भालाराम को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एनडीपीएस एक्ट के केस में 4 लोगों को आरोपी न बनाने के बदले 20 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपियों ने परिवादियों को धमकाया और 8 लाख रुपये की पहली किस्त लेते समय ट्रैप में पकड़ा गया। एसीबी डीआईजी रामेश्वर सिंह के निर्देशन में थानाधिकारी सोनू शेखावत की टीम ने यह सफल कार्रवाई की।

Mar 22, 2026 - 16:57
उदयपुर में पुलिस अधिकारियों की बड़ी भ्रष्टाचार की घटना: NDPS केस में 4 लोगों को बचाने के बदले 20 लाख मांगे, 8 लाख की रिश्वत लेते SHO और कॉस्टेबल ACB की गिरफ्त में

उदयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राजस्थान के उदयपुर जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मांडवा थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) और एक कॉस्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह रिश्वत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के एक केस में चार लोगों को आरोपी न बनाने के बदले मांगी गई थी। कुल मिलाकर इन अधिकारियों ने 20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से 8 लाख रुपये की पहली किस्त लेते समय उन्हें पकड़ा गया।

घटना की पूरी जानकारी के अनुसार, मांडवा थाने के SHO निर्मल कुमार खत्री और कॉस्टेबल भालाराम ने NDPS एक्ट के एक मुकदमे में चार व्यक्तियों को मामले से बाहर रखने (अरोपी न बनाने) की एवज में 20 लाख रुपये की रिश्वत की डिमांड की थी। SHO निर्मल कुमार खत्री ने परिवादियों (शिकायतकर्ताओं) को बार-बार धमकाया और डराया-धमकाया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो इन चार लोगों को भी आरोपी बना दिया जाएगा। इस तरह की लगातार धमकियों और परेशान करने की वजह से परिवादी काफी परेशान हो गए और उन्होंने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को कर दी।

ACB की टीम ने शिकायत की सत्यता जांचने के बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की। ACB डीआईजी रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में ACB थानाधिकारी सोनू शेखावत ने ट्रैप (जाल) बिछाने का ऑपरेशन चलाया। टीम ने परिवादियों की मदद से रिश्वत की रकम देने का नाटक रचा और जब SHO निर्मल कुमार खत्री तथा कॉस्टेबल भालाराम 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए, तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

ACB थानाधिकारी सोनू शेखावत ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी पुलिस अधिकारियों ने मुकदमे में चार लोगों को बचाने के लिए शुरू में 20 लाख रुपये की मांग की थी। धमकी देने और परेशान करने के बाद जब परिवादी ACB के पास पहुंचे, तो टीम ने सावधानीपूर्वक ट्रैप लगाया और रिश्वत की यह बड़ी राशि (8 लाख रुपये) स्वीकार करते समय दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की सख्त कार्रवाई का एक और उदाहरण है। ऐसे मामलों में जहां NDPS जैसे गंभीर कानून शामिल होते हैं, पुलिस अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगना और निर्दोषों को फंसाने की धमकी देना बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.