उदयपुर में मूर्ति पूजा पर विवादित टिप्पणियों वाले पर्चे बांटने के आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार: पत्नी संग सालगिरह मनाने आया था, लौटते समय दुकानों में फेंक गया पर्चे
उदयपुर में मूर्ति पूजा पर आपत्तिजनक पर्चे बांटने वाला ईसाई प्रचारक डेनियल अल्टीनरो पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार; सालगिरह मनाने आया था, लौटते वक्त दुकानों में पर्चे फेंके।
उदयपुर, 9 नवंबर 2025:
राजस्थान के उदयपुर जिले में मूर्ति पूजा को लेकर आपत्तिजनक और विवादास्पद टिप्पणियां वाली पर्चियों को बांटने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान डेनियल अल्टीनरो (पिता: ऑल्टीनो) के रूप में हुई है, जो खुद को ईसाई धर्मगुरु बताकर प्रचार-प्रसार का काम करता है। डबोक थाना पुलिस ने जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से उसे हिरासत में लिया और उदयपुर लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर धार्मिक संवेदनशीलता को भड़काने का प्रयास माना जा रहा है, जिसके चलते पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।
घटना का पूरा विवरण और आरोपी का बैकग्राउंड; पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना पूरा जुर्म कबूल कर लिया है। डेनियल अल्टीनरो पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले का निवासी है और वहां वह ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रहता है। वह खुद को एक धार्मिक गुरु के रूप में पेश करता है और स्थानीय स्तर पर लोगों को ईसाई धर्म के बारे में जागरूक करने का दावा करता है। विशेष रूप से, वह स्कूलों और अन्य संस्थानों में बच्चों को ईसाई धर्म के मूल सिद्धांतों का ज्ञान देने के लिए प्रार्थना सभाएं आयोजित करता है। पुलिस के अनुसार, यह प्रचार अक्सर विवादास्पद तरीके से किया जाता है, जिसमें अन्य धर्मों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां शामिल होती हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब उसके ऐसे कार्यों पर सवाल उठे हों, लेकिन उदयपुर की यह घटना सबसे प्रमुख है।आरोपी ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ 17 सितंबर 2025 को उदयपुर पहुंचा था। इसका मुख्य उद्देश्य अपनी शादी की सालगिरह मनाना था। दंपति ने डबोक क्षेत्र में एक निजी होटल में चेक-इन किया और 17 सितंबर से 22 सितंबर तक यहीं ठहरे रहे। इस दौरान उन्होंने पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया और सामान्य पर्यटक की तरह समय बिताया। लेकिन सालगिरह मनाने के बाद लौटने की तैयारी करते हुए आरोपी ने एक सोची-समझी साजिश रची।
विवादित पर्चों का वितरण: कैसे और कहां? पुलिस जांच में सामने आया कि डेनियल ने उदयपुर पहुंचने के बाद ही विवादित पर्चे छपवाने की योजना बनाई। इन पर्चों में मूर्ति पूजा को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं, जो हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली थीं। पर्चों का मुख्य संदेश ईसाई धर्म को श्रेष्ठ बताते हुए अन्य धर्मों की आलोचना करने वाला था। आरोपी ने स्थानीय एक प्रिंटिंग प्रेस से ये पर्चे छपवाए, लेकिन प्रेस मालिक को सटीक सामग्री के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।22 सितंबर 2025 को होटल चेक-आउट करने के बाद, जब वह पत्नी संग वापस पश्चिम बंगाल लौटने वाला था, तब डेनियल ने डबोक चौहट्टा (चौराहा) क्षेत्र में यह कृत्य अंजाम दिया। उसने बंद दुकानों के शटरों के नीचे से इन पर्चों को अंदर धकेल दिया, ताकि सुबह खुलने पर दुकानदारों को ये मिलें और विवाद फैले। कुल मिलाकर दर्जनों पर्चे वितरित किए गए, जो जल्द ही स्थानीय लोगों के बीच वायरल हो गए। दुकानदारों ने इन्हें देखते ही पुलिस को सूचना दी, जिससे मामला दर्ज हो गया।
पुलिस कार्रवाई और जांच की दिशा; डबोक थाना पुलिस ने 23 सितंबर को ही एक FIR दर्ज की थी, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 295A (धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर कृत्य) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। शुरुआती जांच में CCTV फुटेज, होटल रजिस्टर और प्रिंटिंग प्रेस के रिकॉर्ड से आरोपी की पहचान हुई। डेनियल के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों से पता चला कि वह पश्चिम बंगाल से आया था।पुलिस टीम ने तत्काल पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और 8 नवंबर 2025 को जलपाईगुड़ी से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उदयपुर लाने के बाद उससे तीन घंटे की कड़ी पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। डीएसपी डबोक राजेंद्र सिंह ने बताया, "आरोपी का उद्देश्य धार्मिक सद्भाव बिगाड़ना था। हमने उसके फोन और अन्य सामान की जांच की है, जिसमें अन्य जगहों पर भी ऐसे प्रचार के सबूत मिले हैं। आगे की जांच जारी है।"
सामाजिक प्रतिक्रिया और संभावित प्रभाव; यह घटना उदयपुर जैसे धार्मिक रूप से संवेदनशील शहर में तनाव पैदा करने वाली साबित हो रही है। स्थानीय हिंदू संगठनों ने पर्चों की निंदा की है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक संगठन के पदाधिकारी ने कहा, "ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जा सकता, जो शांति भंग करने की कोशिश करें।" पुलिस ने शहर भर में पैट्रोलिंग बढ़ा दी है और समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है।