राजस्थान के अलवर शहर में भाजपा नेता बन्नाराम मीणा की जमीन पर चला बुलडोजर, अवैध कॉलोनी को किया ध्वस्त
राजस्थान के अलवर में नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने भाजपा नेता एवं पूर्व डेयरी अध्यक्ष बन्नाराम मीणा की जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। ग्राम भूगोर झोपड़ी के करीब एक बीघा कृषि भूमि पर बिना अनुमति प्लॉटिंग और निर्माण हो रहा था, जिसमें बन्नाराम मीणा सहित अन्य लोग शामिल थे। साथ ही अम्बेडकर नगर में अवैध खोखे, ठेले और ट्रक पार्किंग भी हटाए गए। प्रशासन ने भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
अलवर, राजस्थान: नगर विकास न्यास (यूआईटी) की अतिक्रमण निरोधक टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता और पूर्व डेयरी अध्यक्ष बन्नाराम मीणा की जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई बुधवार को की गई, जिसमें कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को लक्ष्य बनाया गया।
यूआईटी सचिव धाइगुडे स्नेहल नाना ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बन्नाराम मीणा के साथ मुकेश, बृजमोहन, महेंद्र, संतोष देवी, छाजूराम और अन्य लोगों द्वारा ग्राम भूगोर झोपड़ी के खसरा नंबर 645 में लगभग एक बीघा कृषि भूमि पर बिना किसी अनुमति के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। इस भूमि पर प्लॉट्स विकसित किए जा रहे थे, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन था। टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
इसके अलावा, कार्रवाई के दौरान अम्बेडकर नगर के वेयर हाउस योजना क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाए गए। यहां सड़क के मुख्य भाग पर अवैध रूप से लगाए गए खोखे और थड़ियां (ठेले/दुकानें) को हटाया गया। साथ ही, बिना स्वीकृति के चलाई जा रही अवैध ट्रक पार्किंग को भी समाप्त कर न्यास की भूमि को मुक्त कराया गया।
अतिक्रमण निरोधक अधिकारी, क्षेत्रीय कनिष्ठ अभियंता और पूरी टीम इस ऑपरेशन में मौजूद रही। इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में बढ़ते अवैध अतिक्रमण और कृषि भूमि के गैर-कानूनी उपयोग को रोकना है, ताकि नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।
यह घटना उन मामलों में से एक है जहां सत्ताधारी दल के नेता भी कानून के दायरे में आते हैं, और प्रशासन बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रहा है। स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है, क्योंकि इससे अवैध कॉलोनियों के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी और भूमि विवादों पर लगाम लगने की उम्मीद जगी है।