सीकर में महिला से गांव के युवक ने किया रेप: बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाकर कई बार किया दुष्कर्म, 7 साल के बच्चे से भी छेड़छाड़, विरोध पर दी धमकी
सीकर के एक गांव में युवक ने 25 साल की महिला से रेप किया, फिर बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। वहां महिला के 7 साल के बच्चे के साथ भी छेड़छाड़ की। विरोध पर धमकियां दीं। पुलिस ने POCSO सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की।
सीकर जिले के एक गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां गांव के ही एक युवक ने 25 वर्षीय महिला के साथ क्रूरता से दुष्कर्म किया। आरोपी ने न केवल महिला का शोषण किया, बल्कि उसे बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाकर वहां भी कई बार उसके साथ बलात्कार किया। सबसे जनक बात यह है कि आरोपी ने महिला के 7 साल के मासूम बच्चे के साथ भी छेड़छाड़ की। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकियां दीं। अब पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की पूरी कहानी
पीड़ित महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी युवक गांव का ही रहने वाला है। उसने महिला को अकेला पाकर पहले गांव में ही उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने महिला को मीठी-मीठी बातों और बहला-फुसलाकर अपने साथ गुजरात ले जाने के लिए राजी कर लिया। गुजरात पहुंचने के बाद आरोपी का व्यवहार और भी क्रूर हो गया। वहां उसने महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
एक दिन महिला के 7 साल के बच्चे को अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ भी छेड़छाड़ की। आरोपी ने बच्चे के कपड़े उतार दिए और गलत हरकतें कीं। ठीक उसी समय महिला वहां पहुंच गई और उसने आरोपी को रोकने की कोशिश की। लेकिन आरोपी ने विरोध करने पर महिला को धमकाना शुरू कर दिया। उसने महिला को डराया-धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा।
इस लगातार शोषण और डर से तंग आकर महिला किसी तरह वापस लौटी और सीकर पुलिस थाने में पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने महिला की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया। चूंकि मामले में 7 साल के बच्चे के साथ छेड़छाड़ शामिल है, इसलिए पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (पूर्व में आईपीसी) की अन्य गंभीर धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।
समाज में बढ़ती चिंता
यह घटना एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। गांवों में जहां महिलाएं अकेले रहती हैं, वहां ऐसे दरिंदों से बचाव के लिए जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को तुरंत सहायता और मनोवैज्ञानिक मदद उपलब्ध करानी चाहिए ताकि वे आगे आकर न्याय की लड़ाई लड़ सकें।