राजस्थान में सरपंच बनने की योग्यता और संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

राजस्थान में 2026 के पंचायती राज चुनावों से पहले सरपंच बनने के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और उसी ग्राम पंचायत का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। वर्तमान में कोई शैक्षणिक योग्यता जरूरी नहीं है, हालांकि सरकार द्वारा इसे लागू करने पर विचार चल रहा है (कुछ स्रोतों में 10वीं/12वीं पास की चर्चा)। सरपंच का मासिक मानदेय अप्रैल 2025 से 6,072 रुपये है। चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में संभावित हैं, जिसमें पंच और सरपंच पद पहले होंगे।

Feb 5, 2026 - 13:47
राजस्थान में सरपंच बनने की योग्यता और संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
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राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाती है। राज्य में जल्द ही ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव होने वाले हैं, जो 15 अप्रैल 2026 तक पूरे होने प्रस्तावित हैं। परिसीमन प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी करने का लक्ष्य था, जबकि पंच और सरपंच पदों के चुनाव 20 मार्च 2026 तक संपन्न हो सकते हैं। इसके बाद पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव अप्रैल 2026 में संभावित हैं।

ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे महत्वपूर्ण पद सरपंच का है। सरपंच ग्राम पंचायत का प्रमुख होता है और गांव के विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय प्रशासन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन सरपंच बनने के लिए क्या योग्यताएं जरूरी हैं? आइए विस्तार से जानते हैं।

सरपंच बनने की योग्यता (Eligibility Criteria)

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 और संबंधित नियमों के अनुसार सरपंच चुनाव लड़ने के लिए मुख्य योग्यताएं निम्नलिखित हैं:

न्यूनतम आयु: उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।

निवास: उम्मीदवार उसी ग्राम पंचायत का स्थायी निवासी होना चाहिए, जहां से वह चुनाव लड़ रहा है। उसका नाम उस ग्राम पंचायत के किसी वार्ड की मतदाता सूची में होना आवश्यक है।

शैक्षणिक योग्यता: वर्तमान में सरपंच पद के लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। कोई भी व्यक्ति (जो अन्य अयोग्यताओं से मुक्त हो) चुनाव लड़ सकता है। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा 2026 चुनावों से पहले शैक्षणिक योग्यता (जैसे 10वीं पास) लागू करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक नियम लागू नहीं हुआ है। पहले (2015 में) कक्षा 8वीं पास की शर्त थी, जो बाद में हटा दी गई थी।

अन्य सामान्य शर्तें: उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए, मतदाता सूची में नाम होना चाहिए, और कोई आपराधिक अयोग्यता (जैसे दो साल से अधिक की सजा आदि) नहीं होनी चाहिए। अन्य अयोग्यताएं राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार लागू होती हैं।

नोट: शैक्षणिक योग्यता पर चर्चा जारी है, और कुछ स्रोतों में 10वीं पास की संभावना बताई जा रही है, लेकिन फिलहाल कोई बाध्यता नहीं है।

सरपंच का मानदेय (Honorarium/Salary)

सरपंच को वेतन नहीं, बल्कि मानदेय मिलता है, जो राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बढ़ाया जाता है। राजस्थान में हाल के वर्षों में इसमें अच्छी बढ़ोतरी हुई है:अप्रैल 2025 से सरपंच का मासिक मानदेय 6,072 रुपये है।इससे पहले यह राशि 4,800 रुपये थी।अप्रैल 2024 में 15% की बढ़ोतरी के बाद यह 5,520 रुपये हो गई।फिर फरवरी 2025 में अतिरिक्त 10% बढ़ोतरी के बाद वर्तमान राशि तय हुई।इसके अलावा, सरपंच को गांव विकास के लिए अलग से फंड और अन्य सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन मुख्य कमाई मानदेय के रूप में ही होती है।

चुनाव प्रक्रिया का संक्षिप्त अवलोकन

चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाते हैं।सरपंच का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा होता है (ग्राम पंचायत स्तर पर)।नामांकन के लिए आवश्यक दस्तावेज: मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाण, आयु प्रमाण आदि।चुनाव गैर-पार्टी आधार पर होते हैं, और प्रतीकों के माध्यम से लड़े जाते हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.