ट्रैक्टर का टायर फटते ही ड्राइवर उछलकर नीचे गिरा, पीछे के पहिये के नीचे आया; कोटा अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर ट्रैक्टर का अगला टायर फटने से ड्राइवर राजू भील (35) उछलकर नीचे गिर गए और ट्रैक्टर के पीछे के पहिये के नीचे आ गए। गंभीर घायल ड्राइवर को कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने टायर फटने को हादसे का मुख्य कारण बताया है।
बूंदी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की जान चली गई। अचानक ट्रैक्टर के अगले टायर के फट जाने से वाहन अनियंत्रित हो गया, जिससे ड्राइवर उछलकर सड़क पर गिर पड़ा और ट्रैक्टर का पीछे का पहिया उसके शरीर पर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल ड्राइवर को कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान शनिवार रात को उसकी मौत हो गई।
घटना का विवरण
यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 12 बजे बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र में चेनपुरिया पेट्रोल पंप के पास हुआ। मृतक की पहचान राजू भील (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो तालेड़ा गांव, कोटा का निवासी था। राजू भील पत्थरों से भरी ट्रॉली लगे ट्रैक्टर को चला रहे थे। ट्रैक्टर चलते समय अचानक इसका अगला टायर फट गया। इससे ट्रैक्टर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह अनियंत्रित हो गया। ट्रैक्टर के बेकाबू होते ही ड्राइवर राजू भील सीट से उछलकर नीचे गिर पड़े। गिरते ही ट्रैक्टर का पीछे का पहिया उनके शरीर पर से गुजर गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। ट्रैक्टर आगे बढ़कर एक दीवार से टकराकर रुका।
ट्रैक्टर में राजू भील के साथ मोडू (या मोटू लाल) नाम का एक अन्य युवक भी सवार था। मोडू ने बताया कि टायर फटने के तुरंत बाद ट्रैक्टर अनबैलेंस हो गया और राजू नीचे गिर गए। जब ट्रैक्टर रुका तो वह नीचे उतरा और देखा कि राजू घायल हालत में सड़क पर पड़े थे।
राहत और अस्पताल में मौत
मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस बुलाई। घायल राजू भील को एंबुलेंस से कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि, उनकी हालत गंभीर बनी रही और शनिवार रात को उन्होंने दम तोड़ दिया।रविवार को परिजनों की मौजूदगी में कोटा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस जांच
डाबी थाने के एएसआई परमेश्वर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ट्रैक्टर का टायर फटना और उसके बाद वाहन का नियंत्रण खो जाना पाया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फिलहाल कोई अन्य संदिग्ध पहलू सामने नहीं आया है।ट्रैक्टर के पीछे लगी ट्रॉली पत्थरों से भरी हुई थी, जिससे वाहन का वजन काफी अधिक था। विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने या अधिक दबाव वाले टायरों में अचानक फटने की घटनाएं आम हैं, खासकर भारी लोड वाले वाहनों में।