सेवन वंडर्स पार्क पर चला सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा – 17 सितंबर तक पूरा पार्क होगा खाली

सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश पर सेवन वंडर्स पार्क को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हो गई है, जो वेटलैंड नियमों के उल्लंघन के कारण अवैध घोषित किया गया था। अब तक केवल एक प्रतिमा हटाई गई, लेकिन 17 सितंबर तक पूरा पार्क खाली करने का भरोसा दिया गया है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 12, 2025 • 1:47 PM  10
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राजस्थान
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सेवन वंडर्स पार्क पर चला सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा – 17 सितंबर तक पूरा पार्क होगा खाली
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सेवन वंडर्स पार्क पर चला सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा – 17 सितंबर तक पूरा पार्क होगा खाली

राजस्थान के अजमेर में आनासागर झील के किनारे स्थित प्रसिद्ध सेवन वंडर्स पार्क को तोड़ने की कार्रवाई शुक्रवार से शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद जिला प्रशासन ने इस कार्य को तेजी से शुरू किया है। इस कार्रवाई के दौरान मीडिया को पार्क के अंदर जाने से रोक दिया गया है और सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 11.64 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पार्क में दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां थीं, जो लंबे समय से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही थीं।

छह महीने के भीतर पार्क को पूरी तरह हटाने

सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने पहले आनासागर झील के वेटलैंड क्षेत्र में बने इस पार्क को हटाने के आदेश दिए थे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने अगस्त 2023 में इस निर्माण को अवैध घोषित करते हुए कहा था कि यह झील के पारिस्थितिक संतुलन को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके बाद राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन 25 फरवरी 2025 को कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "निर्माण भले ही सुंदर हो, लेकिन अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो उसे तोड़ना ही पड़ेगा।"

17 मार्च 2025 को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को छह महीने के भीतर पार्क को पूरी तरह हटाने और प्रभावित वेटलैंड क्षेत्र के बराबर शहर में नया वेटलैंड बनाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इसकी अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके बाद प्रशासन ने 17 सितंबर 2025 तक पार्क को हटाने का हलफनामा दायर किया था।

कार्रवाई में देरी और प्रशासन की चुनौतियां

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरुआत में कार्रवाई धीमी रही। अब तक केवल न्यूयॉर्क के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिमा को हटाकर नीचे रखा गया था। अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने प्रतिमाओं को हटाने के लिए टेंडर जारी किया था, लेकिन केवल एक कंपनी के बोली लगाने के कारण प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। अब नए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।

25 फरवरी 2025 को हुई सुनवाई में स्मार्ट सिटी की एसीईओ और नगर निगम कमिश्नर द्वारा दायर हलफनामे को सुप्रीम कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया था और नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई को तेज करने का वादा किया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया, "सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए सेवन वंडर्स, फूड कोर्ट और गांधी स्मृति उद्यान के कुछ हिस्सों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"

सेवन वंडर्स पार्क: पर्यटकों का आकर्षण

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बने इस पार्क में दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां थीं, जिनमें शामिल थे:

  • ताजमहल (आगरा, भारत)

  • एफिल टावर (पेरिस, फ्रांस)

  • मिस्र के पिरामिड (गिजा, मिस्र)

  • पीसा की झुकी मीनार (पीसा, इटली)

  • कॉलेजियम (रोम, इटली)

  • स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (न्यूयॉर्क, अमेरिका)

  • क्राइस्ट दी रिडीमर (रियो डी जेनेरियो, ब्राजील)

2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा उद्घाटित यह पार्क अजमेर की शान माना जाता था। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह एक प्रमुख आकर्षण था। 2 जनवरी 2023 से पार्क में प्रवेश शुल्क लागू किया गया था, जिसमें 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 10 रुपये और इससे कम उम्र के बच्चों के लिए 5 रुपये निर्धारित किए गए थे।

कानूनी विवाद की जड़

आनासागर झील के 250 बीघा क्षेत्र को वेटलैंड घोषित किया गया है, जो नॉन-कंस्ट्रक्शन जोन है। इसके बावजूद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस क्षेत्र में निर्माण किया गया, जिसे अशोक मलिक नामक पूर्व पार्षद ने NGT में चुनौती दी। उनकी याचिका में कहा गया कि यह निर्माण झील के पारिस्थितिक संतुलन को नुकसान पहुंचा रहा है और बारिश के दौरान बाढ़ की स्थिति पैदा कर रहा है। NGT और सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए निर्माण को अवैध माना।

यूथ कांग्रेस का विरोध

सेवन वंडर्स और पास के फूड कोर्ट को तोड़ने की कार्रवाई के खिलाफ यूथ कांग्रेस ने "अजमेर बचाओ, भ्रष्टाचारी भगाओ" आंदोलन शुरू किया है। यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोकेश शर्मा और जिला अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि 120 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पार्क और फूड कोर्ट में भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। 24 अप्रैल 2025 को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और मांग पत्र सौंपा।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम

सुप्रीम कोर्ट ने न केवल पार्क को हटाने, बल्कि आनासागर झील के आसपास के वेटलैंड को पुनर्जनन करने और नए वेटलैंड बनाने के लिए वैज्ञानिक योजना प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अजमेर जिला कलेक्टर लोकबंधु ने वरुण सागर और तबीजी क्षेत्र में 19 हेक्टेयर भूमि पर वेटलैंड बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर कोर्ट ने और विस्तृत योजना मांगी है।

अजमेर की पहचान पर असर

सेवन वंडर्स पार्क का टूटना अजमेर के लिए एक बड़ा झटका है। यह पार्क न केवल पर्यटकों के लिए, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी गर्व का प्रतीक था। हालांकि, पर्यावरण संरक्षण और कानूनी नियमों के पालन को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन के पास इसे हटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। अगले कुछ दिनों में सभी प्रतिमाओं को हटाकर पार्क को पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा।

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