जीने की ज़िद: खुले बाड़े में मिला नवजात, प्लास्टिक में लिपटा, सीने पर रखा था पत्थर — 3 घंटे बारिश में भीगता रहा, फिर भी जिंदा बचा
एक नवजात शिशु को प्लास्टिक में लपेटकर, सीने पर पत्थर रखकर लावारिस छोड़ दिया गया, लेकिन बारिश में भी उसकी जिजीविषा ने उसे जिंदा रखा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना क्षेत्र के बोरावड़ कस्बे में रविवार की सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। गणेश डूंगरी के पास एक खुले बाड़े में नवजात शिशु को लावारिस हालत में छोड़ दिया गया। नवजात को प्लास्टिक में लपेटकर कपड़े में बांधा गया था और उसके नन्हे सीने पर एक भारी पत्थर रखा गया था। लगातार हो रही बारिश में वह करीब तीन घंटे तक भीगता रहा, लेकिन उसकी जीवटता ने उसे जिंदा रखा।
खेतों से आई रोने की आवाज
यह हृदयविदारक घटना रविवार सुबह उस समय सामने आई जब स्थानीय लोगों ने गणेश डूंगरी से आचार्य मोहल्ला रोड पर एक खेत के पास बच्चे के रोने की आवाज सुनी। पास जाकर देखने पर एक नवजात शिशु प्लास्टिक और हरे रंग की बेडशीट में लिपटा मिला, जिसके सीने पर लगभग 10 किलो का पत्थर रखा था, मानो उसे जानबूझकर मृत्यु के मुंह में धकेलने की कोशिश की गई हो। एक राहगीर, महेंद्र आचार्य, ने तुरंत इसकी सूचना सामाजिक कार्यकर्ता कोमल सोनी और अन्य स्थानीय लोगों को दी। कोमल ने बच्चे को अपनी गोद में लिया और तत्काल बोरावड़ के राजकीय अस्पताल पहुंचाया।