शहीद रमेश पोपावत को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि.
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में पश्चिम बंगाल में शहीद हुए बीएसएफ जवान रमेश पोपावत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। जोधपुर एयरपोर्ट पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद के परिवार को सांत्वना दी गई। बोयल गांव के इस वीर सपूत का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ होगा। सांसी समाज सहित पाली सांसद पी.पी. चौधरी, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत और मंत्री अविनाश गहलोत ने भी श्रद्धांजलि दी। 'रमेश पोपावत अमर रहे' के नारों ने देशभक्ति का माहौल बनाया।

जोधपुर, 29 अगस्त 2025: देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले बीएसएफ के जवान रमेश पोपावत को आज उनके गृह जिले जोधपुर में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर एयरपोर्ट पर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान शहीद के सम्मान में 'रमेश पोपावत अमर रहे' के नारे गूंज उठे, जो उपस्थित लोगों की देशभक्ति और शहीद के प्रति सम्मान को दर्शा रहे थे।
शहीद रमेश पोपावत का बलिदान
रमेश पोपावत, जोधपुर जिले के बोयल गांव के निवासी थे, पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहीद हो गए। उनके बलिदान ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले को गहरे शोक में डुबो दिया। शहीद का पार्थिव शरीर विशेष विमान से जोधपुर एयरपोर्ट लाया गया, जहां से इसे उनके पैतृक गांव बोयल ले जाया गया। बोयल गांव में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरे सैन्य सम्मान के साथ की जा रही हैं, जिसमें स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी है।
जोधपुर एयरपोर्ट पर भावुक माहौल
जोधपुर एयरपोर्ट पर शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में लोग एकत्र हुए। सांसी समाज, जिससे रमेश पोपावत ताल्लुक रखते थे, के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। उन्होंने नम आंखों और गर्व भरे दिल के साथ अपने नायक को अंतिम विदाई दी। 'रमेश पोपावत अमर रहे' और 'भारत माता की जय' के नारों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया। इस दौरान शहीद के परिवार के सदस्यों की आंखें नम थीं, लेकिन उनके चेहरों पर अपने बेटे के बलिदान पर गर्व भी साफ झलक रहा था।
केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार से मिलकर उनकी हिम्मत बढ़ाई। उन्होंने कहा, "रमेश पोपावत जैसे वीर सपूत हमारे देश की नींव हैं। उनका बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। हम उनके परिवार के साथ हर कदम पर खड़े हैं और उनकी हर संभव मदद करेंगे।" इस अवसर पर पाली के सांसद पी.पी. चौधरी, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत और राजस्थान सरकार के मंत्री अविनाश गहलोत भी मौजूद रहे। इन नेताओं ने शहीद के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनके बलिदान को देश के लिए अनमोल बताया।
बोयल गांव
शहीद रमेश पोपावत का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बोयल ले जाया गया, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में शोक की लहर है, लेकिन साथ ही ग्रामीणों के बीच अपने वीर सपूत के प्रति गर्व की भावना भी है। स्थानीय प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, और बीएसएफ के जवान भी इस समारोह में शामिल होंगे। गांव के लोग और सांसी समाज के सदस्य इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ एकजुटता दिखा रहे हैं।
शहीद का बलिदान: देश के लिए प्रेरणा
रमेश पोपावत का बलिदान एक बार फिर देशवासियों को याद दिलाता है कि सीमा पर तैनात हमारे जवान अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उनके इस सर्वोच्च बलिदान ने जोधपुर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान और देश में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया है। शहीद के परिवार के प्रति पूरे क्षेत्र में सहानुभूति और समर्थन का माहौल है।
शहीद रमेश पोपावत की शहादत न केवल उनके परिवार और गांव के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी क्षति है। लेकिन उनका बलिदान हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। जोधपुर एयरपोर्ट से लेकर बोयल गांव तक, हर जगह उनके सम्मान में लोगों का हुजूम और देशभक्ति की भावना इस बात का सबूत है कि शहीद रमेश पोपावत हमेशा अमर रहेंगे।