राजीव शुक्ला बने BCCI के कार्यवाहक अध्यक्ष, रॉजर बिन्नी की विदाई
BCCI अध्यक्ष रॉजर बिन्नी 70 साल की उम्र के कारण पद छोड़ सकते हैं, राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। नए अध्यक्ष के चयन तक शुक्ला बोर्ड की कमान संभालेंगे।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में एक बड़े बदलाव की खबर सामने आ रही है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 1983 वर्ल्ड कप के हीरो रॉजर बिन्नी जल्द ही BCCI अध्यक्ष पद से हट सकते हैं। उनकी जगह बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह खबर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि बिन्नी का योगदान भारतीय क्रिकेट में ऐतिहासिक रहा है।
रॉजर बिन्नी का इस्तीफा: उम्र बनी वजह
रिपोर्ट्स के अनुसार, रॉजर बिन्नी 19 जुलाई 2025 को 70 साल के हो चुके हैं। BCCI के संविधान के नियमों के तहत, कोई भी पदाधिकारी 70 वर्ष की आयु के बाद अपने पद पर नहीं रह सकता। इस नियम के चलते बिन्नी को अध्यक्ष पद छोड़ना होगा। बिन्नी ने 2022 में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की जगह BCCI अध्यक्ष की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में बोर्ड ने कई अहम फैसले लिए, लेकिन अब उनकी विदाई का समय आ गया है।
राजीव शुक्ला को मिली नई जिम्मेदारी
BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। 65 वर्षीय शुक्ला 2020 से उपाध्यक्ष की भूमिका निभा रहे हैं और अब वह नए अध्यक्ष के चयन तक बोर्ड की कमान संभालेंगे। सूत्रों के मुताबिक, 27 अगस्त 2025 को हुई BCCI अधिकारियों की बैठक में शुक्ला की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें Dream 11 के हटने के बाद नए स्पॉन्सरशिप सौदों पर विचार-विमर्श शामिल था।
रॉजर बिन्नी: 1983 वर्ल्ड कप के हीरो
रॉजर बिन्नी का नाम भारतीय क्रिकेट में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। 1983 में भारत को पहला वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाली टीम के अहम सदस्य रहे बिन्नी उस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। उन्होंने 18 विकेट लेकर इतिहास रचा था। 1979 से 1987 तक अपने करियर में बिन्नी ने 27 टेस्ट और 72 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने क्रमशः 47 और 77 विकेट लिए।
बिन्नी का योगदान केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा। 2000 में उन्होंने भारतीय अंडर-19 टीम को कोच के रूप में वर्ल्ड कप जिताया। इसके बाद 2007 में वह पश्चिम बंगाल की टीम के हेड कोच बने। कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ने के बाद 2012 में वह भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ता बने और 2015 वर्ल्ड कप में भी चयन समिति का हिस्सा रहे।
BCCI का भविष्य: संविधान और नया कानून
BCCI सुप्रीम कोर्ट की लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आधारित संविधान के तहत काम करता है। हालांकि, नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस कानून के लागू होने की चर्चा चल रही है, लेकिन इसे औपचारिक रूप से लागू होने में अभी चार से पांच महीने लग सकते हैं। तब तक BCCI और इसके राज्य संघ मौजूदा संविधान के तहत ही काम करेंगे। बोर्ड अगले महीने अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) और चुनाव आयोजित करने की तैयारी में है।
राजीव शुक्ला का अनुभव
राजीव शुक्ला लंबे समय से BCCI के प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा रहे हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व को देखते हुए बोर्ड ने उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। शुक्ला के सामने नई स्पॉन्सरशिप डील्स और बोर्ड के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों को लागू करने की चुनौती होगी।
रॉजर बिन्नी के नेतृत्व में BCCI ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, और अब प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि राजीव शुक्ला के कार्यकाल में बोर्ड किस दिशा में आगे बढ़ेगा। नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।