राजस्थान यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में गिरा छत का प्लास्टर, छात्रों में आक्रोश

भीषण गर्मी के बीच राजस्थान यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में छत का प्लास्टर अचानक छात्रों की टेबल पर गिर गया। हादसे के समय वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जर्जर भवनों के रिनोवेशन और मूलभूत सुविधाएं सुधारने की मांग उठाई।

May 27, 2026 - 17:53
राजस्थान यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में गिरा छत का प्लास्टर, छात्रों में आक्रोश

राजस्थान की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी राजस्थान यूनिवर्सिटी एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। भीषण गर्मी के बीच जहां छात्र पहले से ही पानी, कूलर और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान हैं, वहीं बुधवार को यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लाइब्रेरी की छत का जर्जर प्लास्टर अचानक टूटकर छात्रों की बेंच और टेबल पर गिर पड़ा। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था। अगर कुछ मिनट पहले छात्र वहां बैठे होते तो गंभीर हादसा हो सकता था।

घटना के बाद लाइब्रेरी में मौजूद छात्रों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र तुरंत लाइब्रेरी प्रशासन और यूनिवर्सिटी अधिकारियों के पास पहुंचे और जमकर नाराजगी जताई। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी की जर्जर इमारतों और खराब व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन प्रशासन ने कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।

“यूनिवर्सिटी की इमारतें अब असुरक्षित हो चुकी हैं”

छात्रा वियोना जाट ने घटना को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में हर दिन हजारों छात्र पढ़ाई करने आते हैं, लेकिन यहां की इमारतें अब खुद असुरक्षित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश में कई स्कूलों और सरकारी भवनों में जर्जर निर्माण के कारण हादसे सामने आए थे, लेकिन इसके बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।

वियोना ने बताया कि जिस जगह प्लास्टर गिरा, वहां कुछ देर पहले तक छात्राएं बैठकर पढ़ाई कर रही थीं। ऐसे में अगर हादसा कुछ मिनट पहले होता तो कई छात्राएं घायल हो सकती थीं। उन्होंने सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द यूनिवर्सिटी की जर्जर इमारतों का निरीक्षण करवाकर उनका रिनोवेशन कराया जाए, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने अंबेडकर लाइब्रेरी के बंद पड़े हॉल को भी शुरू करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि भीषण गर्मी में छात्र जगह की कमी और खराब व्यवस्थाओं के कारण काफी परेशान हो रहे हैं।

“प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है” — छात्र नेता भारत भूषण

छात्र नेता भारत भूषण ने भी यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में यूनिवर्सिटी के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल लाइब्रेरी में छत का प्लास्टर गिरना प्रशासन की लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।

भारत भूषण ने बताया कि जिस स्थान पर प्लास्टर गिरा, वहां कुछ देर पहले तक छात्र बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। अगर उस समय कोई छात्र वहां मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नजर नहीं आ रहा।

पानी, कूलर और बैठने की व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी

घटना के बाद छात्रों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिले। छात्रों का कहना है कि एक तरफ यूनिवर्सिटी में पीने के साफ पानी, कूलर और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहीं दूसरी तरफ जर्जर भवन अब जानलेवा साबित होने लगे हैं।

छात्रों ने मांग की है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन तत्काल प्रभाव से सभी भवनों की सुरक्षा जांच कराए और जहां जरूरत हो वहां मरम्मत कार्य शुरू करवाए। साथ ही लाइब्रेरी और कैंपस में छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

अब इस घटना के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

Web Desk Web Desk The Khatak