NEET पेपर लीक केस में CBI की बड़ी कार्रवाई: दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 13 लोग हिरासत में

NEET पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पेपर 5 राज्यों में बेचा गया था, जिसमें महाराष्ट्र और राजस्थान मुख्य केंद्र रहे। अब तक कुल 13 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

May 27, 2026 - 12:15
NEET पेपर लीक केस में CBI की बड़ी कार्रवाई: दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 13 लोग हिरासत में

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने जांच को और तेज करते हुए बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे सहित तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।

वहीं दूसरे आरोपी की पहचान तेजस हर्षदकुमार शाह के रूप में हुई है, जो पुणे स्थित एक मेडिकल कोचिंग सेंटर में फिजिक्स पढ़ाता है। आरोप है कि उसे फिजिक्स का लीक पेपर मनीषा हवलदार से मिला था और आगे इस पेपर को छात्रों तक पहुंचाया गया।

CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि NEET पेपर लीक नेटवर्क 5 राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें सबसे ज्यादा गतिविधि महाराष्ट्र में दर्ज की गई। इसके बाद राजस्थान दूसरा बड़ा केंद्र रहा। एजेंसी को इन दोनों राज्यों में पेपर के प्रिंट आउट बेचने के सबूत भी मिले हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। महाराष्ट्र से पेपर और “क्वेश्चन बैंक” को राजस्थान और अन्य राज्यों के छात्रों तक पहुंचाया गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितने छात्रों ने यह पेपर खरीदा था।

CBI अब उन अभिभावकों और बैंक खातों की जांच कर रही है जिनसे पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में NTA के बाहर भी कई संदिग्ध लोग शामिल हो सकते हैं।

इससे पहले CBI ने 49 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए थे। जांच एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य राज्यों में भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। 7 मई को गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू हुई और 12 मई को परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम का फैसला लिया गया।

फिलहाल CBI पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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