भारत-पाक सीमा पर सख्त हुआ सुरक्षा कवच: बीकानेर में अमित शाह की हाईलेवल बैठक, 15 KM दायरे के अवैध निर्माण हटाने के निर्देश
केन्द्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े जिलों की सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में 360° सुरक्षा ग्रिड, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, नारकोटिक्स तस्करी रोकने, फर्जी आधार और म्यूल अकाउंट्स पर निगरानी तथा सीमावर्ती गांवों के विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।
भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने मंगलवार को राजस्थान के Bikaner में एक हाईलेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, फर्जी दस्तावेज, साइबर अपराध और सीमावर्ती गांवों के विकास जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी के जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। इस दौरान सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी तथा तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
हर सीमावर्ती जिले में बनेगा 360° सुरक्षा ग्रिड
गृह मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिए कि भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े प्रत्येक जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार किया जाए। इस सुरक्षा मॉडल में स्थानीय नागरिकों, राज्य सरकार, प्रशासनिक मशीनरी और सभी सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ऐसा सिस्टम विकसित करना चाहती है, जिससे सीमा से जुड़े किसी भी खतरे की जानकारी तुरंत प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचे।
15 किलोमीटर दायरे में अवैध निर्माणों पर सख्ती
बैठक में गृह मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में हो रहे अवैध निर्माणों पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में मौजूद अवैध निर्माणों को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में ऐसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
सरकार का मानना है कि सीमा क्षेत्रों में अवैध निर्माण कई बार सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन जाते हैं और इनका इस्तेमाल घुसपैठ या तस्करी गतिविधियों में भी किया जा सकता है।
घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और आतंकी फंडिंग पर कसेगा शिकंजा
अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए Border Security Force, Central Board of Direct Taxes, Narcotics Control Bureau और राज्य सरकार की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
उन्होंने घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, अतिक्रमण, हवाला नेटवर्क, आतंकी फंडिंग और अन्य सीमा पार अपराधों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सीमा क्षेत्रों में अपराधों के पैटर्न, नेटवर्क और स्रोतों का गहराई से अध्ययन किया जाएगा ताकि स्थायी समाधान तैयार किया जा सके और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को दोबारा पनपने से रोका जा सके।
फर्जी आधार, म्यूल अकाउंट और शेल कंपनियों पर नजर
गृह मंत्री ने जिला मजिस्ट्रेटों की जिम्मेदारी बढ़ाते हुए कहा कि सभी बैंकिंग संस्थानों में कानूनी और वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों का सत्यापन किया जाए और उनके फंडिंग स्रोतों की जांच की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से म्यूल अकाउंट्स, शेल कंपनियों और फर्जी आधार कार्डों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकार का मानना है कि इन माध्यमों का उपयोग कई बार साइबर अपराध, हवाला और तस्करी नेटवर्क में किया जाता है।
साइबर अपराध रोकने के लिए ‘1930’ हेल्पलाइन पर जोर
बैठक में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ‘1930’ हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। अमित शाह ने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है, इसलिए पुलिस और प्रशासन को इस सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाना होगा।
इसके साथ ही तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई, ताकि कानून व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके।
सीमावर्ती गांवों के विकास पर भी फोकस
बैठक के दौरान वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II (VVP-II) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना, आर्थिक अपराधों को रोकना और अंतिम छोर तक सुशासन सुनिश्चित करना है।
सरकार ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाए ताकि वहां रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
बैठक में यह भी दोहराया गया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केन्द्र सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसके लिए सभी एजेंसियों के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा