सीकर-जयपुर बॉर्डर पर नकली घी फैक्ट्री का भंडाफोड़: 210 किलो माल जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार
सीकर में DSB ब्रांच और रींगस पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली घी बनाने के बड़े रैकेट का खुलासा किया। छापेमारी में 210 किलो नकली घी, पैकिंग मशीन और ब्रांडेड कंपनियों के खाली टिन बरामद हुए। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।
सीकर जिले में खाद्य सुरक्षा से जुड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। DSB ब्रांच और रींगस पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात सीकर-जयपुर बॉर्डर पर स्थित सरगोठ गांव में दबिश देकर नकली घी बनाने वाले एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 210 किलो नकली घी बरामद किया है। इसके अलावा मौके से कई नामी ब्रांडों के खाली टिन, पैकिंग मशीनें और निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा सामान भी जब्त किया गया है।
ह्यूमन इंटेलिजेंस से मिली थी सूचना
DSB ब्रांच के ASI महेश कुमार यादव के अनुसार, टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक मकान में नकली घी तैयार कर उसे बाजार में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद एसपी प्रवीण नायक नूनावत और ASP दीपक गर्ग के निर्देशन में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
मौके से क्या-क्या मिला
पुलिस ने आरोपी कमलेश सिंह (28) के घर से बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की, जिसमें शामिल हैं—
- 14 टिन भरा हुआ नकली घी (लोटस ब्रांड नाम से)
- 2 पैकिंग मशीनें
- 140 खाली टिन (लोटस घी)
- 2 सरस ब्रांड के खाली टिन
- 21 वनस्पति टिन
- 4 दीपज्योति ब्रांड के खाली टिन
इन सभी सामग्रियों का उपयोग नकली घी को असली ब्रांडेड उत्पाद की तरह पैक करने में किया जा रहा था।
कैसे बनता था नकली घी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पाम ऑयल और फ्लेवर मिलाकर नकली घी तैयार करता था। इस प्रक्रिया से कम लागत में तैयार उत्पाद को बाजार में असली घी बताकर दोगुने दाम पर बेचा जाता था।
लंबे समय से चल रहा था नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से यह धंधा चला रहा था और खाटूश्यामजी सहित आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करता था। शादी समारोह और बड़े आयोजनों में भी इस नकली घी की आपूर्ति की जा रही थी।
कानूनी कार्रवाई
लोटस कंपनी के प्रतिनिधियों की शिकायत पर रींगस थाने में कॉपीराइट एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी कमलेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
DSB टीम ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।