पेट्रोल खत्म होने की अफवाह से राजस्थान में हड़कंप: पंपों पर उमड़ी भीड़, कई जगह लंबी कतारें लगीं; प्रशासन ने कहा - कोई कमी नहीं, अगले तीन महीने का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह फैलते ही बीकानेर, बांसवाड़ा समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ लग गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से तेल कंपनियों ने डीलर्स को उधार देना बंद कर दिया, जिससे कुछ पंपों पर सप्लाई में देरी हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और अगले तीन महीनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक ईंधन भंडारण न करें।

Mar 24, 2026 - 13:23
पेट्रोल खत्म होने की अफवाह से राजस्थान में हड़कंप: पंपों पर उमड़ी भीड़, कई जगह लंबी कतारें लगीं; प्रशासन ने कहा - कोई कमी नहीं, अगले तीन महीने का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

राजस्थान में सोमवार रात (22 मार्च 2026) को पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह तेजी से फैलते ही कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ लग गई। लोग घबराकर अपनी गाड़ियों में पेट्रोल और डीजल भरवाने पहुंच गए, जिससे कई जगहों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कुछ स्थानों पर तो कतारें नेशनल हाईवे तक पहुंच गईं। हालांकि, मंगलवार (23 मार्च 2026) सुबह तक ज्यादातर जगहों पर स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन बांसवाड़ा में मंगलवार सुबह भी पेट्रोल पंपों पर भीड़ बनी रही।

बीकानेर में उधार बंद होने का असर

बीकानेर में इस अफवाह की मुख्य वजह एचपीसीएल के एरिया मैनेजर राशिम नकाडे के बयान से जुड़ी थी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी तेल कंपनियों ने डीलर्स को उधार पर पेट्रोल-डीजल देने की व्यवस्था बंद कर दी है। अब डीलर्स को ईंधन लेने के लिए पहले से एडवांस पेमेंट करना पड़ रहा है।

कुछ पेट्रोल पंप संचालक एडवांस राशि जमा नहीं कर पाने के कारण समय पर सप्लाई मंगाने में दिक्कत महसूस कर रहे थे, जिससे सप्लाई में थोड़ी देरी हुई। इसी देरी को लेकर अफवाह फैल गई कि पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है। राशिम नकाडे ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल खत्म नहीं हुआ है, यह केवल अफवाह है। सप्लाई में मामूली देरी हो रही है, लेकिन कोई कमी नहीं है।

बीकानेर में रातभर का हंगामा

नत्थूसर गेट के आगे नीलकंठ पेट्रोल पंप समय से पहले बंद हो गया।मुरलीधर व्यास नगर स्थित पंप पर इतनी भीड़ हो गई कि पुलिस को बुलाना पड़ा, बाद में पंप बंद कर दिया गया।जस्सूसर गेट स्थित सारण पेट्रोल पंप और हेड पोस्ट ऑफिस के पास का पंप रात में बंद रहा।वहीं, जैसलमेर रोड स्थित डूडी पेट्रोल पंप पर रात 12 बजे के बाद भी पेट्रोल दिया जाता रहा, जहां कतार नेशनल हाईवे तक लग गई थी।

बांसवाड़ा और अन्य जिलों में भी असर

बांसवाड़ा के कस्टम रोड स्थित पेट्रोल पंप पर मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे भी लंबी कतारें लगी रहीं। बांसवाड़ा के डीएसओ ने बताया कि जिले में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सही चल रही है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।अन्य जिलों जैसे उदयपुर, जालोर, अबू रोड और सलूंबर आदि में भी सोमवार रात अफवाह के कारण पंपों पर भीड़ और कुछ जगहों पर झड़पें तक की खबरें आईं। कुछ लोग केन-बोतलों में भी ईंधन भरवाते दिखे।

प्रशासन का आश्वासन: कोई कमी नहीं

जिला प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताते हुए साफ किया कि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बिल्कुल सामान्य है।जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और बिना जरूरत के ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें। प्रशासन स्थिति पर सतत नजर रखे हुए है।जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) नरेश शर्मा ने बताया कि बीकानेर जिले में मुख्यालय पर 35 और पूरे जिले में लगभग 250 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं और सोशल मीडिया या अनौपचारिक स्रोतों से फैलने वाली अफवाहों से बचें।

निष्कर्ष

यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने और उधार व्यवस्था बंद होने से उत्पन्न छोटी-मोटी सप्लाई देरी का नतीजा था, जिसे अफवाह फैलाने वालों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। तेल कंपनियों और प्रशासन दोनों ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। लोगों को सलाह दी जाती है कि ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा रखें, ताकि अनावश्यक भीड़ और ट्रैफिक जाम से बचा जा सके।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.