‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ : जयपुर में रातभर जागा प्रशासन, चमक उठा गुलाबी शहर...
जयपुर में रातभर चले ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के दौरान जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा खुद स्कूटी पर शहर का निरीक्षण करते नजर आए। 2000 से ज्यादा सफाईकर्मियों ने रातभर शहर को चमकाने के लिए मोर्चा संभाला।
गुलाबी नगरी जयपुर, जिसे अपनी ऐतिहासिक विरासत और खूबसूरती के लिए दुनिया भर में पहचान मिली है, अब स्वच्छता के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करने की तैयारी में जुट गई है। शनिवार देर रात जब शहर के लोग गहरी नींद में थे, तब नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें सड़कों पर ‘जंग-ए-कचरा’ लड़ रही थीं। ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ नाम से चलाए गए इस विशेष अभियान ने न केवल सफाई व्यवस्था को नई दिशा दी, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और संजीदगी की भी अनोखी तस्वीर पेश की।
स्कूटी पर निकले कलेक्टर और आयुक्त
इस अभियान की सबसे चर्चित तस्वीर वह रही, जब जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा खुद स्कूटी पर बैठकर शहर का निरीक्षण करने निकले। स्कूटी आयुक्त ओम कसेरा चला रहे थे, जबकि पीछे बैठे कलेक्टर संदेश नायक शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे थे।
दोनों अधिकारियों ने हेलमेट पहन रखा था, जो आम लोगों के लिए सुरक्षा और अनुशासन का संदेश भी बन गया। तंग गलियों से लेकर मुख्य बाजारों तक दोनों अधिकारियों ने रातभर सफाई व्यवस्था की बारीकियों को देखा और मौके पर ही कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए।
रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चला अभियान
राजधानी जयपुर में यह विशेष सफाई अभियान रात 12 बजे शुरू हुआ और सुबह 5 बजे तक लगातार चलता रहा। परकोटा क्षेत्र सहित शहर के कई हिस्सों में व्यापक स्तर पर सफाई और कचरा निष्पादन का काम किया गया। नगर निगम प्रशासन ने इस अभियान में करीब 2000 सफाईकर्मियों और ढाई हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को फील्ड में उतारा। सफाईकर्मियों को झाड़ू, हूपर, डंपर, हाथगाड़ी, फावड़ा, टॉर्च, गमबूट और नाइट जैकेट जैसे संसाधन उपलब्ध कराए गए। रातभर शहर की गलियों और बाजारों में सफाईकर्मी सक्रिय नजर आए और पूरा माहौल किसी बड़े मिशन जैसा दिखाई दिया।
दिन में ट्रैफिक, इसलिए रात में सफाई
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि जयपुर के बाजारों और संकरी गलियों में दिनभर भारी ट्रैफिक और लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में प्रभावी सफाई करना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण प्रशासन ने रात में विशेष सफाई अभियान चलाने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहता है कि जयपुर पूरी तरह साफ और व्यवस्थित दिखाई दे ताकि यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों पर शहर की सकारात्मक छवि बने। आयुक्त ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “ताली दोनों हाथ से बजती है।” प्रशासन अपना काम कर रहा है, लेकिन शहर को स्वच्छ रखने में नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क पर कचरा फेंकने वालों को पहले समझाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
जयपुर में लागू होगा सूरत मॉडल
जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि हाल ही में उन्होंने सूरत शहर का दौरा किया था, जहां स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के आधुनिक मॉडल का अध्ययन किया गया। अब उसी मॉडल को जयपुर में लागू करने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिन में जो सफाई प्रभावी ढंग से नहीं हो पाती, उसे रात में बेहतर तरीके से किया जा सकता है। प्रशासन अब नाइट स्वीपिंग को एक नियमित प्रक्रिया बनाने की तैयारी कर रहा है। कलेक्टर ने बताया कि आने वाले समय में सबसे बड़ा फोकस ‘बिहेवियर चेंज’ यानी लोगों की आदतों में बदलाव लाने पर रहेगा। लोगों को घर से ही कचरे का सेग्रीगेशन करने और सड़क पर कचरा न फेंकने के लिए जागरूक किया जाएगा।
36 बीट्स में बांटी गई जिम्मेदारी
अभियान को सफल बनाने के लिए नगर निगम ने पूरे शहर को 36 बीट्स में बांटा। प्रत्येक बीट में अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गईं ताकि सफाई और मॉनिटरिंग में किसी प्रकार की कमी न रहे। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर कचरे के ढेर दिखाई दिए, जिस पर अधिकारियों ने तुरंत संबंधित कर्मचारियों को सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर संदेश नायक ने माना कि अभी कचरा सेग्रीगेशन और ट्रांसफर सिस्टम में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी ट्रांसफर स्टेशनों को मैकेनाइज्ड बनाया जाएगा ताकि कचरा सीधे डंपिंग यार्ड तक पहुंचे और बीच में सड़क पर फैलने की समस्या खत्म हो सके।
सफाईकर्मियों का बढ़ाया हौसला
अभियान के दौरान नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने सफाईकर्मियों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को “स्वच्छता योद्धा” बताते हुए कहा कि ये सिर्फ सफाई अभियान नहीं, बल्कि शहरवासियों को जागरूक करने का प्रयास भी है। रातभर शहर की हर गली और सड़क पर सफाईकर्मी सक्रिय दिखाई दिए और पूरे अभियान के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
स्वच्छ सर्वेक्षण पर भी प्रशासन की नजर
प्रशासन इस अभियान को आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों से भी जोड़कर देख रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि नाइट क्लीनिंग, कचरा सेग्रीगेशन और नागरिक सहभागिता को लगातार बढ़ावा दिया जाए, तो जयपुर स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। अब प्रशासन का लक्ष्य सिर्फ शहर को साफ करना नहीं, बल्कि जयपुर को देश के सबसे स्वच्छ और व्यवस्थित शहरों की सूची में शामिल करना भी है।