राजस्थान के झुंझुनूं में 100 करोड़ की एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पर चला बुलडोजर: मुर्गी फार्म की आड़ में चल रहा था नशे का कारोबार
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही 100 करोड़ रुपये की एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। महाराष्ट्र पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी अनिल सिहाग को गिरफ्तार किया गया। फैक्ट्री से 10 किलो एमडी ड्रग्स, विदेशी मशीनें और खतरनाक केमिकल जब्त किए गए। एनडीपीएस एक्ट के तहत अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने मुर्गी फार्म के दो कमरे, टीन शेड और बाउंड्री पर बुलडोजर चलाया। आरोपी पहले डोडा-पोस्त की तस्करी करता था और हाल ही में एमडी बनाने लगा था।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक बड़े ड्रग्स रैकेट का खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र की मीरा-भायंदर-वसई-विरार (MBVV) पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने संयुक्त कार्रवाई में यहां चल रही अवैध मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यह फैक्ट्री एक मुर्गी फार्म की आड़ में चलाई जा रही थी, जहां विदेशी मशीनें लगी हुई थीं और करोड़ों रुपये के खतरनाक केमिकल्स स्टोर किए गए थे। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है।
फैक्ट्री का खुलासा और छापेमारी कार्रवाई की शुरुआत महाराष्ट्र से हुई। अक्टूबर 2025 में MBVV पुलिस ने मीरा-भायंदर इलाके में छापा मारकर 501 ग्राम से अधिक एमडी ड्रग्स जब्त की थी, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये थी। जांच के दौरान आरोपी से मिले इनपुट्स के आधार पर पुलिस की टीम राजस्थान पहुंची। 14 दिसंबर 2025 को सीकर में मुख्य आरोपी अनिल विजयपाल सिहाग (31 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। अनिल 1 किलो एमडी ड्रग्स सप्लाई करने सीकर के कलेक्ट्रेट के पास मिलन होटल पहुंचा था, जहां महाराष्ट्र पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में अनिल ने अपनी फैक्ट्री का पता बताया। इसके बाद पुलिस टीम झुंझुनूं के धनुरी थाना क्षेत्र के नांद का बास गांव में उसके चाचा सुरेश सिहाग के मुर्गी फार्म पर पहुंची।यहां से पुलिस ने करीब 10 किलो तैयार एमडी ड्रग्स, बड़े पैमाने पर प्रीकर्सर केमिकल्स, विदेशी मशीनें (फ्लास्क, मिक्सर, ड्रायर मशीनें, वेटिंग स्केल, ग्लव्स और फिल्टर्स आदि) जब्त किए। जांच में पता चला कि फैक्ट्री पिछले 6 महीने से चल रही थी और इससे पहले ही 100 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स की खेप देशभर में बेची जा चुकी थी। एक और इतनी ही वैल्यू की खेप तैयार होने वाली थी।
आरोप की पृष्ठभूमि और अपराध की शुरुआत मुख्य आरोपी अनिल सिहाग 12वीं पास है और खेतीबाड़ी करता है। वह 2016-17 से अपने चाचा सुरेश सिहाग (पूर्व सरपंच) के मुर्गी फार्म पर काम कर रहा था। करीब 15 दिन पहले उसने अपने साथी सुभाष जाट के साथ मिलकर यहां एमडी ड्रग्स बनाना शुरू किया। अनिल की अपराध यात्रा डोडा-चूरा (पोस्त) तस्करी से शुरू हुई। पहले वह सुभाष के साथ नीमच (मध्य प्रदेश) से डोडा-पोस्त लाता और ढाबों-होटलों पर सप्लाई करता। प्रति ट्रिप उसे 5 हजार रुपये मिलते। बाद में उसने खुद पुरानी स्विफ्ट कार से पोस्त लाना शुरू किया और तारानगर में विकास जाट को बेचता। इससे प्रति किलो 500-700 रुपये की बचत होती। एक बार पुलिस ने उसे पकड़ा भी था।धीरे-धीरे अनिल एमडी ड्रग्स के कारोबार में उतरा और मुर्गी फार्म में दो कमरों में फैक्ट्री सेटअप की।बुलडोजर एक्शनएनडीपीएस एक्ट के तहत ऐसी संपत्ति देना या इस्तेमाल करना भी अपराध है। इसलिए 17 दिसंबर 2025 को झुंझुनूं पुलिस ने मुर्गी फार्म के उन हिस्सों पर बुलडोजर चलाया, जहां ड्रग्स बनाई जा रही थी। दो कमरे, एक टीन शेड, छप्पर और बाउंड्री वॉल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा कि यह कार्रवाई अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए की गई, क्योंकि संपत्ति मालिक को इसके गैरकानूनी उपयोग की जानकारी थी ।
जांच और आगे की कार्रवाई अब तक 11 से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़े संदिग्ध भी शामिल हैं। पुलिस फैक्ट्री के फंडिंग सोर्स और मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। यह मामला अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ा है, जो महाराष्ट्र से राजस्थान तक फैला हुआ था।