‘टीना डाबी एक बार आगे बढ़ गईं तो पीछे नहीं हटतीं’: मंत्री के बयान पर चौपाल में ठहाके, अतिक्रमण तो हटा देंगे, सुरक्षा का खुद देख लेना

टोंक के चैनपुरा गांव में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कलेक्टर टीना डाबी को लेकर मजाकिया अंदाज में बयान दिया। 150 बीघा चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग पर मंत्री ने कहा कि “टीना डाबी एक बार आगे बढ़ जाएं तो पीछे नहीं हटतीं।”

May 12, 2026 - 17:01
‘टीना डाबी एक बार आगे बढ़ गईं तो पीछे नहीं हटतीं’: मंत्री के बयान पर चौपाल में ठहाके, अतिक्रमण तो हटा देंगे, सुरक्षा का खुद देख लेना

राजस्थान के टोंक जिले में आयोजित एक रात्रि चौपाल उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने जिला कलेक्टर टीना डाबी को लेकर मंच से ऐसा बयान दिया, जिसे सुनकर चौपाल में मौजूद ग्रामीणों के साथ खुद टीना डाबी भी मुस्कुराने लगीं। मंत्री का यह बयान अब इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

दरअसल, मालपुरा उपखंड के चैनपुरा गांव में सोमवार रात आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने करीब 150 बीघा चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी जमीन पर कब्जों की वजह से गांव के लोगों को परेशानी हो रही है और प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

मंत्री ने मंच से कहा- “मैं पीछे हट जाता हूं, लेकिन टीना डाबी नहीं”

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा,
“मैं तो फिर भी थोड़ा पीछे चला जाता हूं, लेकिन ये डीएम टीना डाबी हैं। एक बार आगे बढ़ गईं तो पीछे नहीं हटतीं, आप लोग सोच लो।”

मंत्री की यह बात सुनते ही चौपाल में मौजूद लोग हंस पड़े। वहीं, जिला कलेक्टर टीना डाबी भी मुस्कुराती नजर आईं। चौपाल का माहौल कुछ देर के लिए हल्का और मजाकिया हो गया।

हालांकि मंत्री ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीम बनाकर जल्द कार्रवाई की जाएगी और चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

ग्रामीण बोले- कार्रवाई के साथ सुरक्षा भी जरूरी

मंत्री के बयान के बाद ग्रामीणों ने कहा कि सिर्फ अतिक्रमण हटाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि कब्जा करने वालों को कानूनी रूप से भी पाबंद किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति न बने।

इस पर मंत्री ने कहा कि कार्रवाई तो होगी, लेकिन बाद में सुरक्षा का ध्यान ग्रामीणों को खुद रखना होगा। चौपाल में इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों की समस्याएं सुनीं।

पानी, बिजली और सड़क समेत कई मुद्दे उठे

रात्रि चौपाल में सिर्फ अतिक्रमण का मामला ही नहीं उठा, बल्कि ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी प्रशासन के सामने रखीं।

चौपाल में कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें चैनपुरा तालाब को मॉडल तालाब बनाने, आम रास्तों से अतिक्रमण हटाने, खेतों तक पहुंच मार्ग उपलब्ध कराने, हैंडपंप लगवाने, कम वोल्टेज की समस्या दूर करने, पेंशन दिलाने, पीएम आवास योजना का लाभ देने और आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत जैसी मांगें शामिल थीं।

अवैध पानी कनेक्शन हटाने की अपील

ग्रामीणों ने पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया। इस पर जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा कि कई जगह अवैध पानी कनेक्शनों की वजह से लोगों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

उन्होंने सरपंच को सूची देने की बात कहते हुए कहा,
“अवैध कनेक्शन खुद से काट लो, नहीं तो दिक्कत होती रहेगी।”

मंत्री ने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए लोगों को भी जिम्मेदारी समझनी होगी और अवैध कनेक्शनों को हटाने में सहयोग करना होगा।

लोगों से संसाधन बचाने की अपील

चौपाल के दौरान मंत्री ने लोगों से संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील भी की। उन्होंने कहा कि लोगों को सोना कम खरीदना चाहिए, डीजल-पेट्रोल की खपत कम करनी चाहिए और विदेश यात्राओं को सीमित रखना चाहिए।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन युद्ध के समय शास्त्री ने देशवासियों से अनाज बचाने के लिए सप्ताह में एक दिन उपवास रखने की अपील की थी।

चर्चा में रही टीना डाबी और मंत्री की बातचीत

फिलहाल चैनपुरा गांव की यह रात्रि चौपाल अब सिर्फ ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि मंत्री कन्हैया लाल चौधरी के बयान और टीना डाबी की प्रतिक्रिया को लेकर भी चर्चा में बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन इसी तरह गंभीरता से समस्याओं का समाधान करे, तो गांवों की कई पुरानी परेशानियां खत्म हो सकती हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी मंत्री और कलेक्टर के बीच हुई इस बातचीत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।