बाड़मेर में पानी के लिए टंकी पर चढ़ीं महिलाएं: 45 डिग्री गर्मी में ग्रामीणों का प्रदर्शन, बोलीं- पानी नहीं तो घर नहीं जाएंगे
राजस्थान के बाड़मेर जिले में भीषण गर्मी और पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। महिलाएं रसोई का सामान लेकर पहुंचीं और कहा कि जब तक पानी की समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक वे घर नहीं लौटेंगी।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया है। एक तरफ जहां तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और लोग हीट वेव से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ कई गांवों में पीने के पानी की भारी समस्या बनी हुई है। हालात इतने खराब हो गए कि महिलाओं और ग्रामीणों को पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करना पड़ा।
यह मामला बाड़मेर जिले के रामसर उपखंड के सियाणी गांव का है। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण पानी की समस्या को लेकर इकट्ठा हुए और जलदाय विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गईं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं।
सबसे खास बात यह रही कि महिलाएं अपने साथ रसोई का सामान भी लेकर पहुंचीं। उनका कहना था कि जब तक गांव में पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक वे घर वापस नहीं जाएंगी। जरूरत पड़ी तो टंकी के ऊपर ही खाना बनाकर आंदोलन जारी रखेंगी।
पहले भी किया था मटकी फोड़ प्रदर्शन
ग्रामीणों ने बताया कि सियाणी गांव समेत आसपास के इलाकों में पिछले लंबे समय से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। गांव में बनी एकमात्र होदी में भी कभी-कभार ही पानी पहुंचता है। घरों तक नियमित पानी की सप्लाई नहीं हो रही, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी जलदाय विभाग के कार्यालय के बाहर मटकी फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। प्रशासन और विभागीय अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन दिए गए, लेकिन हालात जस के तस बने रहे।
45 डिग्री तापमान में बढ़ी परेशानी
बाड़मेर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। जिले में तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। गर्म हवाओं और हीट वेव के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पानी की कमी ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी के बिना पशुओं और लोगों दोनों का जीवन संकट में आ गया है। महिलाओं को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ता है। कई बार घंटों इंतजार करने के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारी, रामसर थाना पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पानी की नियमित व्यवस्था चाहिए। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विभाग समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा।
जल जीवन मिशन पर उठे सवाल
इस प्रदर्शन के बाद सरकार की जल आपूर्ति योजनाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ सरकार “जल जीवन मिशन” और “हर घर जल” जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
महिलाओं का पानी की टंकी पर चढ़ना इस बात का संकेत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में ऐसे विरोध प्रदर्शन और बढ़ सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन ग्रामीणों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन गांव वालों का साफ कहना है कि जब तक पानी नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।