NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला: शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग, 22 लाख छात्रों के भविष्य पर सवाल
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मंत्री की बर्खास्तगी की मांग करते हुए 22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है।
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद अब देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग करते हुए पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी का यह बयान और वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और छात्रों के बीच भी इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट और वीडियो जारी कर कहा कि NEET परीक्षा बार-बार पेपर लीक की चपेट में आ रही है, लेकिन सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
उन्होंने कहा—
- NEET 2024 में पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द नहीं हुई
- NEET 2026 में भी पेपर लीक हुआ, परीक्षा दोबारा कराई गई
- लेकिन शिक्षा मंत्री ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया
राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर #SackPradhan अभियान भी शुरू किया है।
प्रधानमंत्री से पूछे तीन बड़े सवाल
अपने वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे तीन सवाल पूछे—
- बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं?
- इस पूरे मामले पर सरकार चुप क्यों है?
- शिक्षा मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा?
उन्होंने कहा कि देश के 22 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और उनकी मेहनत को नजरअंदाज किया गया है।
“22 लाख बच्चों की मेहनत बर्बाद” – राहुल गांधी
राहुल गांधी ने भावुक बयान देते हुए कहा कि लाखों छात्रों ने दो साल तक कड़ी मेहनत की, लेकिन पेपर लीक की वजह से उनकी तैयारी पर पानी फिर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होकर व्हाट्सएप के जरिए फैलाया गया, जिससे सिस्टम की गंभीर खामियां उजागर होती हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना मेरिट के नियुक्तियां हो रही हैं और शिक्षा व्यवस्था राजनीतिक प्रभाव में आ रही है। उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक 80 से अधिक पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जो सिस्टम की विफलता को दर्शाते हैं।
सरकार ने बताया डैमेज कंट्रोल, नई परीक्षा की घोषणा
विवाद बढ़ने के बाद एनटीए ने डैमेज कंट्रोल करते हुए 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। साथ ही शिक्षा मंत्री ने भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) करने की बात कही है, ताकि पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
विपक्ष का दबाव और बढ़ा
हालांकि विपक्ष अब सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा है कि या तो प्रधानमंत्री शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें या फिर इस पूरी विफलता की जिम्मेदारी लें।