चारधाम यात्रा के नाम पर साइबर ठगी का जाल, 550 फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पुलिस का बड़ा एक्शन
चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर बुकिंग और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उत्तराखंड पुलिस ने 550 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई शुरू की है। श्रद्धालुओं से केवल सरकारी और अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही बुकिंग करने की अपील की गई है।
देशभर से लाखों श्रद्धालु इन दिनों उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा पर निकल रहे हैं। श्रद्धा और आस्था से जुड़ी इस यात्रा के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो चुके हैं और भोले-भाले यात्रियों को अपना निशाना बना रहे हैं। खासकर केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग, होटल रिजर्वेशन और यात्रा रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी की जा रही है।
इस बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और साइबर सेल ने बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस ने अब तक करीब 550 फर्जी वेबसाइट्स, फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम अकाउंट्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग करते हैं। साइबर अपराधी इसी का फायदा उठाकर नकली वेबसाइट्स और फर्जी सोशल मीडिया पेज बनाते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक विज्ञापन और जल्दी टिकट उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, जिससे लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं।
पुलिस के अनुसार कई श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के लिए एडवांस पेमेंट किया, लेकिन भुगतान के बाद न तो टिकट मिला और न ही कोई जवाब। कई मामलों में ठग खुद को अधिकृत ट्रैवल एजेंसी का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं और जल्द बुकिंग कराने के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। रकम मिलते ही आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर फरार हो जाते हैं
साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि कई फर्जी वेबसाइट्स सरकारी पोर्टल जैसी दिखती हैं। इनके यूआरएल और डिज़ाइन इतने मिलते-जुलते होते हैं कि आम लोग असली और नकली वेबसाइट में फर्क नहीं कर पाते। कुछ मामलों में व्हाट्सएप मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिंक भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।
मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे केवल सरकारी और अधिकृत वेबसाइट्स से ही हेलीकॉप्टर टिकट और यात्रा से जुड़ी बुकिंग करें। किसी भी अनजान लिंक, सोशल मीडिया पोस्ट या व्हाट्सएप फॉरवर्ड पर भरोसा न करें।
पुलिस ने यह भी कहा है कि ऑनलाइन भुगतान करने से पहले वेबसाइट की पूरी जांच करें। वेबसाइट का यूआरएल, ग्राहक सेवा नंबर और रिव्यू जरूर देखें। यदि कोई व्यक्ति बेहद कम कीमत या तुरंत टिकट उपलब्ध कराने का दावा करता है, तो सतर्क हो जाएं।
अगर किसी श्रद्धालु के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल में भी संपर्क किया जा सकता है।
चारधाम यात्रा आस्था और विश्वास का प्रतीक है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता श्रद्धालुओं को बड़े आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी से बचा सकती है। पुलिस लगातार साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन लोगों की जागरूकता भी इस लड़ाई में सबसे बड़ी सुरक्षा है।