बाड़मेर में कुक कम हेल्परों का बड़ा आंदोलन का अल्टीमेटम: 2470 रुपये मानदेय पर भड़का गुस्सा, सरकार को चेतावनी
बाड़मेर में कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति ने कम मानदेय और स्थायीकरण की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने 18 हजार रुपये वेतन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में समायोजन की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
बाड़मेर में कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति, राजस्थान की ओर से बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रदेश संयोजक इन्द्रा देवी के नेतृत्व में जिलेभर से आई कुक कम हेल्पर महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
समिति ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और संबंधित विभागों को दो सूत्रीय मांग पत्र भेजकर जल्द समाधान की मांग की है।
25 साल से कम मानदेय पर काम का आरोप
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में कुक कम हेल्पर पिछले लगभग 25 वर्षों से बेहद कम मानदेय पर काम कर रही हैं। वर्तमान में उन्हें मात्र 2470 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो आज की महंगाई के हिसाब से बेहद कम है।
महिलाओं ने कहा कि इतने कम वेतन में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
18 हजार रुपये वेतन और स्थायीकरण की मांग
ज्ञापन में प्रमुख मांग रखी गई है कि कुक कम हेल्पर का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। इसके साथ ही वर्ष 1995 से लगातार सेवा दे रही महिलाओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में नियमित किया जाए।
समिति का कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें आज तक स्थायी दर्जा नहीं मिला है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है।
आंदोलन की चेतावनी
कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि दीपावली से पहले उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन के तहत मिड-डे मील और मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का बहिष्कार करने की भी घोषणा की गई है। साथ ही जयपुर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।