पाली में मंत्री ने दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश: यूनिटी मार्च के दौरान लोगों को दिलाई शपथ, कहा- 'देश का पैसा देश में ही रहेगा'

पाली में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च निकला, मंत्री जोराराम कुमावत ने स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई और कहा- देश का पैसा देश में ही रहेगा।

Nov 7, 2025 - 14:35
पाली में मंत्री ने दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश: यूनिटी मार्च के दौरान लोगों को दिलाई शपथ, कहा- 'देश का पैसा देश में ही रहेगा'

पाली (राजस्थान), 7 नवंबर 2025: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 'एक भारत, आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत शुक्रवार को पाली शहर में एक भव्य यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च में सैकड़ों की संख्या में नागरिक, छात्र, सरकारी अधिकारी और स्थानीय नेता शामिल हुए, जो देश की एकता, अखंडता और आत्मनिर्भरता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाला गया। मार्च के दौरान राज्य मंत्री जोराराम कुमावत ने प्रतिभागियों को स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई और जोर देकर कहा कि 'देश का पैसा देश में ही रहेगा', जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।

मार्च का मार्ग और आयोजन;  यूनिटी मार्च का शुभारंभ शहर के प्रमुख विवेकानंद सर्किल से हुआ। यहां से निकली यह यात्रा शहर के हृदय स्थल कलेक्ट्रेट, ऐतिहासिक सूरजपोल, लोढ़ा स्कूल, शिवाजी सर्किल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को पार करती हुई बांगड़ कॉलेज परिसर में समाप्त हुई। मार्च की लंबाई लगभग 5 किलोमीटर रही, जिसमें प्रतिभागी तिरंगे के रंगों से सजे बैनर, पोस्टर और नारों के साथ आगे बढ़े। मार्च में सरदार पटेल के चित्रों को कंधों पर उठाकर ले जाया गया, जबकि 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे नारे गूंजते रहे।आयोजन का संचालन जिला प्रशासन, स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से किया गया। मार्च में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जो देश के एकीकरण के नायक सरदार पटेल की स्मृति में उनकी विरासत को जीवंत करने का प्रयास था। मार्ग के दौरान दुकानदारों और राहगीरों ने मार्च का स्वागत किया, जिससे शहर में उत्साह का संचार हो गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और छात्रों की प्रस्तुतियां;  बांगड़ कॉलेज पहुंचने के बाद मार्च का समापन एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। यहां स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने सरदार पटेल के जीवन पर आधारित नाटक, लोक नृत्य, गीत और कविताओं की शानदार प्रस्तुतियां दीं। एक प्रस्तुति में छात्रों ने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की कहानी को जीवंत किया, जबकि दूसरी में स्वदेशी आंदोलन के महत्व को दर्शाया गया। इन प्रदर्शनों ने दर्शकों को भावुक कर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भर भारत के लिए स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और स्वदेशी वस्त्रों की स्टॉल्स सजाई गईं।

मंत्री जोराराम कुमावत का संदेश और शपथ ग्रहण;

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री जोराराम कुमावत ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने सरदार पटेल को 'भारत के लौह पुरुष' बताते हुए कहा कि उनकी दूरदृष्टि ने आज के भारत को एक सूत्र में बांधा है। मंत्री ने जोर देकर कहा, "आजादी के अमृत महोत्सव के दौर में हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। स्वदेशी अपनाकर हम न केवल विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करेंगे, बल्कि अपने किसानों, कारीगरों और उद्यमियों को मजबूत करेंगे। याद रखें, देश का पैसा देश में ही रहेगा—यह हमारा संकल्प होना चाहिए।"मंत्री के नेतृत्व में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली, जिसमें स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग, स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता और 'वोकल फॉर लोकल' के सिद्धांत को अपनाने का वादा शामिल था। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान तिरंगे के नीचे खड़े होकर सभी ने हाथ उठाकर प्रतिज्ञा दोहराई, जो मार्च का सबसे भावपूर्ण क्षण साबित हुआ।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.