NEET पेपर लीक मामला: सीकर कोचिंग हब से CBI को मिला अहम सुराग, चर्चित केमिस्ट्री टीचर जांच के घेरे में

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में सीकर के एक चर्चित केमिस्ट्री टीचर और उनके कोचिंग नेटवर्क की भूमिका पर CBI की नजर है। जांच एजेंसी लेन-देन, स्टडी मटेरियल और संस्थान की गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।

May 16, 2026 - 13:43
NEET पेपर लीक मामला: सीकर कोचिंग हब से CBI को मिला अहम सुराग, चर्चित केमिस्ट्री टीचर जांच के घेरे में

राजस्थान का सीकर शहर देशभर में NEET और JEE की तैयारी के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच ने इस शिक्षा नगरी की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में सीबीआई लगातार जांच को आगे बढ़ा रही है और उन सभी कड़ियों को खंगाल रही है जो कथित रूप से इस नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं।

सीबीआई की जांच में तेज़ी

सीबीआई इस पूरे मामले में उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है जो मुख्य आरोपी दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल से जुड़े हो सकते हैं। इसी कड़ी में सीकर के एक चर्चित केमिस्ट्री टीचर और पूर्व कोचिंग संचालक की गतिविधियों पर भी एजेंसी की नजर है। हालांकि अभी तक इस शिक्षक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन उनके संस्थान, लेन-देन और कोचिंग से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच जारी है।

बिवाल परिवार और कोचिंग कनेक्शन

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बिवाल परिवार के तीन बच्चे साल 2025 में सीकर में NEET की तैयारी के लिए आए थे। ये बच्चे कथित तौर पर उसी कोचिंग संस्थान में पढ़ रहे थे, जिसका संचालन चर्चित केमिस्ट्री टीचर द्वारा किया जा रहा था। सबसे अहम बात यह सामने आई है कि इन बच्चों की तस्वीरों का उपयोग कोचिंग के प्रमोशनल पोस्टरों और विज्ञापनों में किया गया था।

कोचिंग सेंटर पर सवाल

जानकारी के मुताबिक, संबंधित कोचिंग संस्थान का संचालन पिपराली रोड क्षेत्र में किया जाता था।

  • 2024 में यह कोचिंग एक पार्टनरशिप में शुरू हुई थी
  • बाद में आंतरिक विवाद के चलते साझेदारी टूट गई
  • मार्च 2025 में नया सेंटर शुरू किया गया
  • कुछ महीनों बाद ही यह संस्थान अचानक बंद हो गया

स्थानीय लोगों के अनुसार, कोचिंग बंद होने के बावजूद इसके बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर अभी भी इलाके में लगे हुए हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

‘मास्टर स्ट्रोक’ मॉड्यूल पर जांच

सीबीआई की जांच में एक स्टडी मटेरियल “The Master Stroke” भी सामने आया है, जिसे कथित तौर पर गेस पेपर के रूप में प्रचारित किया जाता था। दावा किया जाता था कि इसमें शामिल प्रश्न परीक्षा में सीधे पूछे जा सकते हैं। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मटेरियल का किसी पेपर लीक नेटवर्क से कोई संबंध था।

अचानक बदलाव और स्थानांतरण पर सवाल

जांच में यह भी सामने आया है कि कोचिंग बंद होने के बाद संबंधित शिक्षक ने सीकर छोड़कर नागौर के लाडनूं में एक अन्य संस्थान में काम शुरू किया। इस अचानक बदलाव और समय को लेकर भी जांच एजेंसी सवाल खड़े कर रही है।

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई नए कनेक्शन और परतें सामने आ रही हैं। सीकर की कोचिंग इंडस्ट्री से जुड़े इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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