PM मोदी की अपील का असर? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटाया काफिला, CM भजनलाल संग एक ही कार में पहुंचे मेड़ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब नेताओं के काफिलों में भी दिखने लगा है। नागौर के मेड़ता पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह केवल 6 गाड़ियों के काफिले के साथ नजर आए और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ एक ही कार में कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और विदेशी मुद्रा संरक्षण की अपील का असर अब देश के बड़े नेताओं के काफिलों में भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार को राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बेहद छोटे काफिले के साथ पहुंचे। खास बात यह रही कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक ही कार में नजर आए।
आमतौर पर रक्षा मंत्री के काफिले में 10 से अधिक गाड़ियां और सुरक्षा के लिए सेना के कई वाहन शामिल रहते हैं, लेकिन इस बार उनका पूरा काफिला केवल 6 गाड़ियों तक सीमित रहा। इतना ही नहीं, आर्मी के सिक्योरिटी व्हीकल भी इस बार काफिले में शामिल नहीं थे।
हेलीपैड से ही एक कार में बैठे CM और रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार दोपहर मेड़ता के पास डांगावास स्थित हेलीपैड पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में बैठकर चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचे और दर्शन किए।
मंदिर दर्शन के बाद दोनों नेताओं ने राव दूदा की प्रतिमा का अनावरण किया। राव दूदा को मेड़ता की स्थापना और मेड़तिया राठौड़ शाखा की नींव रखने का श्रेय दिया जाता है। इसके बाद सभा स्थल तक भी दोनों नेता एक ही कार से पहुंचे।
राजस्थान सरकार भी ला सकती है नई गाइडलाइन
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार से ही अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। अब वे जयपुर और अन्य कार्यक्रमों में केवल 5 गाड़ियों के साथ ही यात्रा कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि राजस्थान सरकार जल्द ही नेताओं और अफसरों के सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर सकती है। इसके साथ ही सरकारी कार्यक्रमों में होने वाले खर्चों में कटौती की योजना भी तैयार की जा रही है।
राजनाथ सिंह बोले- आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस
मेड़ता के पब्लिक पार्क में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की नीति आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की एयर स्ट्राइक ने दुनिया को भारत की ताकत दिखाई थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि हालिया “ऑपरेशन सिंदूर” ने तो इतिहास बदलने जैसा काम किया है।
उन्होंने कहा,
“हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा तो उसे छोड़ेंगे भी नहीं। हमारे लोगों पर हमला होगा तो हम घर में घुसकर जवाब देंगे। कोई सीमा हमें नहीं रोक सकती।”
पाकिस्तान को दी कड़ी चेतावनी
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना और तीनों सेनाओं के अधिकारियों ने जिस तरह ऑपरेशन को अंजाम दिया, वह देश के इतिहास में बेमिसाल है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने फिर भारत की ओर आंख उठाने की कोशिश की तो उसे पहले से भी बड़ा जवाब मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर लोगों की हत्या करने वाली मानसिकता को भारत कभी स्वीकार नहीं करेगा। भारत इंसाफ और इंसानियत में विश्वास करता है, लेकिन आतंकवाद का जवाब उसी भाषा में दिया जाएगा।
महिलाओं और युवाओं पर भी बोले राजनाथ
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान के युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य के घर-घर से सैनिक निकलते हैं और देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। उन्होंने सैनिकों की माताओं को नमन भी किया।