बड़ी बहन के बाद छोटी से भी गैंगरेप: इंसाफ नहीं मिला तो पहले एक ने दी जान, फिर दूसरी ने भी खाया जहर
जोधपुर ग्रामीण इलाके में गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग से परेशान दो बहनों की दर्दनाक मौत ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया।
राजस्थान के जोधपुर ग्रामीण इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस की कथित लापरवाही और आरोपियों की दबंगई के चलते दो बहनों की जान चली गई। बड़ी बहन वर्षों तक गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग का शिकार होती रही और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली। वहीं छोटी बहन, जो अपनी बहन को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही थी, आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से इतनी टूट गई कि उसने भी जहर खाकर जान दे दी।
इस घटना ने पूरे प्रदेश में आक्रोश फैला दिया है। मारवाड़ राजपूत समाज सहित कई संगठनों ने एमडीएम अस्पताल के बाहर धरना देकर आरोपियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
33 दिन तक कार्रवाई नहीं, आखिरकार युवती ने दे दी जान
जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 11 अप्रैल को जोधपुर ग्रामीण थाने में 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने का मामला दर्ज करवाया था। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद 33 दिन तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूमते रहे और लगातार पीड़िता पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाते रहे।
पीड़िता ने पुलिस प्रशासन को लिखित चेतावनी भी दी थी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
शुक्रवार 15 मई को युवती पानी की टंकी पर चढ़ गई और वहां जहरीला पदार्थ खा लिया। बाद में उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह करीब चार घंटे तक टंकी पर रही, लेकिन इस दौरान भी प्रशासन उसे न्याय का भरोसा नहीं दिला सका।
बड़ी बहन को बनाया ब्लैकमेलिंग का शिकार
पीड़िता ने ग्रामीण एसपी को दी शिकायत में बताया था कि उसकी बड़ी बहन को गांव के ही ई-मित्र संचालक महिपाल ने प्रेमजाल में फंसाया। आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर अश्लील वीडियो बना लिया और फिर उसी वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
शिकायत के अनुसार, महिपाल और उसके साथी शिवराज, गोपाल, वीजाराम, दिनेश, मनोज और पुखराज ने करीब तीन-चार साल तक बड़ी बहन का लगातार शोषण किया और उससे पैसे भी ऐंठते रहे। लगातार प्रताड़ना और मानसिक तनाव से परेशान होकर बड़ी बहन ने 20 मार्च को आत्महत्या कर ली थी।
बहन की मौत के बाद छोटी बहन को बनाया निशाना
बड़ी बहन की मौत के बाद आरोपियों ने छोटी बहन को भी धमकाना शुरू कर दिया। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ भी कई बार रेप किया।
पीड़िता ने आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी महिपाल उसे कई बार होटल और खेतों में बुलाकर शोषण करता रहा। वहीं आरोपी गोपाल ने भी होटल और घर में उसके साथ ज्यादती की।
इतना ही नहीं, पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद भी आरोपी उसे धमकाते रहे। आरोपियों ने कहा कि पुलिस उनके साथ है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
“तुम्हारा भी वही हाल होगा”
पीड़िता ने अपनी शिकायत में साफ लिखा था कि आरोपी उसे बड़ी बहन जैसा अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। आरोपियों ने कहा था कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया तो उसे भी जान से मार दिया जाएगा।
इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की। यही वजह रही कि लगातार डर, मानसिक तनाव और न्याय नहीं मिलने से परेशान होकर छोटी बहन ने भी मौत को गले लगा लिया।
परिवार और समाज में भारी आक्रोश
घटना के बाद परिवार और समाज में भारी गुस्सा है। एमडीएम अस्पताल के बाहर धरना दे रहे मारवाड़ राजपूत समाज के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों को बचाने का काम किया।
उन्होंने कहा कि एक युवती अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी। आखिरकार उसे अपनी जान गंवानी पड़ी।
वहीं पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी छोटी बेटी के दो बच्चे हैं। वह चार घंटे तक पानी की टंकी पर रही, लेकिन पुलिस सिर्फ तमाशा देखती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी जांच अधिकारी के सामने बैठते थे, फिर भी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया।
अब परिवार को कोर्ट से न्याय की उम्मीद है। लोगों की मांग है कि आरोपियों के साथ-साथ इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।