नीमराना में AC बनाने वाली कंपनी में लगी भीषण आग: साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद दमकल ने पाया काबू, करोड़ों का नुकसान
राजस्थान के नीमराना के घीलौट औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ट्रांस एसी कंपनी (वोल्वो बसों और ट्रेनों के एयर कंडीशनर बनाने वाली फैक्ट्री) में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग तेजी से फैलने पर 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। नीमराना इंडियन जोन फायर ऑफिसर मेघराज यादव और घीलौट दमकल प्रभारी मंजीत के नेतृत्व में साढ़े चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 7 बजे आग पर काबू पा लिया गया। कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन घटना देर रात होने से कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस और प्रशासन जांच कर रहा है।
नीमराना (अलवर), 24 मार्च 2026: राजस्थान के नीमराना उपखंड क्षेत्र के घीलौट औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ट्रांस एसी (Trans HCR AC) कंपनी में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी कंपनी अपनी चपेट में आ गई। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना के समय प्लांट में श्रमिक नहीं थे, इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। नीमराना इंडियन जोन से दो, जापानी जोन से एक, बहरोड़ नगर परिषद की एक, सोतनाला की एक, कोटपूतली की एक, शाहजहांपुर स्थित विकास ईकोटेक कंपनी की एक और एएलपी शाहजहांपुर कंपनी की घीलौट दमकल सहित कुल 12 दमकल गाड़ियां आग बुझाने के लिए लगाई गईं।नीमराना इंडियन जोन फायर ऑफिसर मेघराज यादव और घीलौट दमकल केंद्र के प्रभारी मंजीत के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने लगातार कड़ी मशक्कत की। साढ़े चार घंटे की जोरदार कोशिश के बाद सुबह करीब 7 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
कंपनी का काम और नुकसान
यह कंपनी मुख्य रूप से वोल्वो बसों और ट्रेनों के लिए एयर कंडीशनर (AC) का निर्माण करती है। आग की इस घटना में कंपनी के मशीनरी, कच्चा माल और तैयार उत्पादों को भारी क्षति पहुंची है। अनुमान है कि नुकसान करोड़ों रुपये में हो सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही नीमराना डीएसपी चारुल गुप्ता और शाहजहांपुर थाना प्रभारी प्रक्रिता चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
राहत की बात
राहत की बात यह रही कि आग देर रात/तड़के लगी, जब फैक्ट्री में कामगार मौजूद नहीं थे। इससे जान-माल की कोई बड़ी क्षति नहीं हुई, हालांकि आर्थिक नुकसान काफी बड़ा है।स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग को फैलने से रोका जा सका। आगे की जांच में आग के सटीक कारण और नुकसान का पूरा आकलन किया जाएगा।