नाबालिग का वीडियो ब्लैकमेल से घर से लूटे लाखों के जेवर-कैश.
जोधपुर (जिला पश्चिम) में एक नाबालिग लड़की को उसके जानकार ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। डर-धमकी देकर महीनों तक घर से जेवरात और नकदी ऐंठी। जेवर-कैश गायब होने पर परिजनों ने बेटी से पूछताछ की तो राज खुला। पुलिस ने पॉक्सो, IPC 384, 506 और IT एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की; वह फरार है।
जोधपुर, 29 अक्टूबर 2025: राजस्थान के सूर्यनगरी जोधपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। जोधपुर कमिश्नरेट के जिला पश्चिम क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को उसके ही जान-पहचान वाले ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर महीनों तक ब्लैकमेल किया। आरोपी ने नाबालिग को लगातार डरा-धमकाकर उसके परिवार के कीमती जेवरात और नकदी ऐंठ ली। यह राज सामने तब आया जब परिवार को जेवर और पैसे गायब मिले, और उन्होंने बेटी से सवाल किए। बच्ची की जुबानी सामने आया यह काला सच पुलिस के लिए चुनौती बन गया है, जहां सोशल मीडिया का कुप्रयोग एक मासूम की जिंदगी को दांव पर लगा बैठा।
घटना का काला अध्याय: कैसे फंसी मासूम नाबालिग?
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता एक नाबालिग लड़की है, जो जिला पश्चिम के एक सामान्य इलाके में रहती है। आरोपी, जो स्थानीय स्तर पर जाना-पहचाना चेहरा है, ने पहले बच्ची से दोस्ती का नाटक रचा। धीरे-धीरे यह दोस्ती एक खतरनाक जाल में बदल गई। आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए, जो बाद में उसके लिए सबसे बड़ा हथियार बने। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसने बच्ची को महीनों तक अपने कब्जे में रखा।सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग को बार-बार फोन और मैसेज पर धमकाया कि अगर मांग पूरी न की तो वीडियो उसके स्कूल, रिश्तेदारों और पूरे मोहल्ले में फैला दिया जाएगा। डर के मारे बच्ची ने चुपचाप सब सहा। आरोपी ने पहले छोटी-मोटी रकम मांगी, लेकिन जल्द ही यह लालच बढ़ गया। उसने नाबालिग से उसके मां-बाप के जेवरात और घर की नकदी लाने को मजबूर किया। पीड़िता ने चोरी-छिपे घर से सोने-चांदी के आभूषण, मंगलसूत्र समेत कीमती सामान और हजारों रुपये आरोपी को सौंप दिए। अनुमान है कि कुल लूट का आंकड़ा लाखों में पहुंच चुका है, हालांकि सटीक राशि की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
परिवार का सदमा: गायब जेवरों ने खोला राज
परिवार को शक तब हुआ जब घर से लगातार जेवर और नकदी गायब होने लगी। मां-बाप ने सबसे पहले अपनी बेटी को ही संदेह का केंद्र बनाया। शुरुआत में बच्ची डर के कारण कुछ बताने से कतरा रही थी, लेकिन बार-बार पूछताछ पर आखिरकार टूट गई। रोते-रोते उसने पूरी घटना का खुलासा किया—आरोपी की धमकियां, वीडियो का खौफ, और लूट का सिलसिला। यह सुनते ही परिवार सदमे में आ गया। बेटी की मानसिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि वह लगातार डिप्रेशन और चिंता से जूझ रही थी।परिजनों ने तुरंत जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस से संपर्क किया। जिला पश्चिम के थाने में मामला दर्ज कराया गया, जिसमें पॉक्सो एक्ट (बच्चों के यौन शोषण और यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम), आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा का अपहरण), 384 (धमकी से जबरन वसूली), 506 (आपराधिक धमकी) और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी फरार, जांच में नया मोड़
जोधपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए विशेष जांच टीम गठित की गई है। आरोपी की पहचान हो चुकी है, लेकिन वह फरार है। पुलिस उसके फोन लोकेशन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी पहले भी इसी तरह के अपराधों में लिप्त रहा हो सकता है, जिसकी पड़ताल चल रही है। डीसीपी पश्चिम ने कहा, "पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा रही है। बच्ची को काउंसलिंग दी जा रही है, और जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।"यह घटना राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों की एक कड़ी जोड़ती है, जहां सोशल मीडिया पर फर्जी दोस्ती के नाम पर नाबालिगों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में जयपुर और बीकानेर में भी ऐसे कई मामले सामने आए, जहां हैकिंग और वीडियो ब्लैकमेल से लाखों की ठगी हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों के ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रखनी चाहिए।