कोटा में सोने के टॉप्स की ठगी : असली नोट दिखाकर कागज की गड्डी थमाई, तीन ठग गिरफ्तार
कोटा में तीन बाइक सवार ठगों ने बुजुर्ग महिला को सोने के कान के टॉप्स के बदले मोटी रकम का लालच देकर पहले असली नोटों की गड्डी दिखाई और फिर कागज की गड्डी थमा कर फरार हो गए। पुलिस ने प्रभू गुजराती, वीरचंद गुजराती और गणेश गुजराती को गिरफ्तार कर लिया है।
कोटा। कोटा शहर में एक बेहद शातिर तरीके से ठगी करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया है। ये ठग महिलाओं को सोने के गहने (खासकर कान के टॉप्स) के बदले मोटी रकम देने का लालच देकर पहले असली नोटों की गड्डी दिखाते थे, फिर पलक झपकते ही उसे कागज की गड्डी से बदलकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और इनसे कई अन्य वारदातें खुलने की संभावना जताई जा रही है।
वारदात कैसे हुई? कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 5 दिसंबर 2025 को पुरोहितजी की टापरी इलाके में रहने वाली बैजयंती बाई (उम्र करीब 60 वर्ष) ने थाने में ठगी की लिखित शिकायत दर्ज कराई।महिला ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 10 बजे वह अपनी पोती के साथ शिवाजी कॉलोनी कैनाल रोड पर रेलवे हॉस्पिटल जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थीं। तभी एक बाइक पर तीन व्यक्ति आए। बाइक पर सबसे पीछे बैठा शख्स उतरा और महिला के पास आया।उसने जेब से 500-500 रुपये के नोटों की मोटी गड्डी निकाली और दिखाते हुए कहा, “ताई, आपके कान के सोने के टॉप्स मुझे दे दो। मैं आपको सुनार के रेट से भी ज्यादा पैसे दूंगा। ये देखो, पूरी गड्डी नोटों की है।”लालच में आईं बुजुर्ग महिला ने अपने दोनों कान के सोने के टॉप्स उतारकर उसे दे दिए। बदले में ठग ने मुस्कुराते हुए वही गड्डी महिला के हाथ में थमा दी और कहा, “ये पांच-पांच सौ के नोटों की पूरी गड्डी है, घर जाकर गिन लेना।” इसके तुरंत बाद तीनों बाइक स्टार्ट करके तेजी से फरार हो गए।घर पहुंचकर जब महिला ने गड्डी खोली तो हक्की-बक्की रह गईं। ऊपर-नीचे दो-चार असली नोट थे, बाकी सारी गड्डी सादे कागज की थी जिन्हें नोट के आकार में काटकर भरा गया था।
पुलिस ने ऐसे दबोचा शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। कुछ ही दिनों में पुलिस ने तीनों ठगों को दबोच लिया।गिरफ्तार आरोपियों के नाम :प्रभू गुजराती ,वीरचंद गुजराती ,गणेश गुजराती। तीनों आपस में रिश्तेदार हैं और कोटा के आसपास के इलाकों में रहते हैं। पूछताछ में पता चला कि ये लोग नशे और मौज-मस्ती के शौक पूरे करने के लिए आए दिन ऐसी छोटी-मोटी ठगी की वारदातें करते थे। ये खास तौर पर अकेली खड़ी महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाते थे।
पुलिस का कहना है…एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया, “यह एक संगठित ठगी का तरीका था। ये लोग पहले असली नोटों की गड्डी दिखाकर भरोसा जमाते थे, फिर हाथ की सफाई से उसे फर्जी गड्डी से बदल देते थे। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से कुछ सोने के गहने और ठगी में इस्तेमाल की जाने वाली कागज की गड्डियां भी बरामद हुई हैं। इनसे कई और मामले खुलने की संभावना है।”