कोटा: सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को नई कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने अपनी कार से पहुंचाया अस्पताल, समय पर इलाज से बची जान
कोटा में कचरा गाड़ी से टकराकर गंभीर रूप से घायल हुए 27 साल के राहुल को नई कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने अपनी कार से तुरंत अस्पताल पहुंचाया, समय पर इलाज से जान बची
कोटा। रविवार देर रात करीब 11:30 बजे रात को कोटा के व्यस्त इलाके रंगविहार के पास एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। 27 वर्षीय युवक राहुल, जो अपनी बाइक से घर लौट रहा था, अचानक कचरा संग्रहण करने वाली नगर निगम की गाड़ी से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि राहुल बाइक से दूर जा गिरा और उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। मौके पर ही वह बेहोश हो गया और खून बहने लगा।
हादसा होते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, लेकिन एम्बुलेंस आने में देरी हो रही थी और घायल की हालत बिगड़ती जा रही थी। ठीक उसी समय वहां से गुजर रही कोटा शहर कांग्रेस की नवनियुक्त जिलाध्यक्ष राखी गौतम अपनी निजी कार से निकल रही थीं। स्थिति देखते ही उन्होंने तुरंत कार रोकी और बिना एक पल गंवाए घायल राहुल को अपनी गाड़ी में लिटाया। उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं और ड्राइवर की मदद से राहुल को कार में रखकर सीधे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया गया।
राखी गौतम ने बताया, “रात का समय था, सड़क पर भीड़ थी, लेकिन कोई आगे नहीं आ रहा था। मैंने सोचा अगर एक मिनट भी देरी हुई तो इस युवक की जान जा सकती है। इसलिए फौरन कार में उठाया और अस्पताल भागे।”डॉक्टर्स के अनुसार राहुल के सिर पर गहरी चोटें आई हैं, खून ज्यादा बह चुका था और ब्रेन में भी आंतरिक चोट के संकेत मिले हैं। समय पर अस्पताल पहुंचने की वजह से उसका तुरंत ऑपरेशन शुरू किया गया और फिलहाल उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है। इमरजेंसी वार्ड में उसका इलाज जारी है।राहुल रंगविहार कॉलोनी का रहने वाला है और निजी कंपनी में काम करता है। उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे अस्पताल पहुंच चुके हैं।इस मानवीय कार्य के लिए सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों तक सभी राखी गौतम की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
कई लोगों ने कहा कि राजनीतिक पद पर होने के बावजूद उन्होंने एक आम नागरिक की तरह मानवता को सर्वोपरि रखा और बिना सोचे एक अनजान व्यक्ति की जान बचाने आगे आईं।पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कचरा गाड़ी के ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आ रही है।यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सड़क हादसों में “गोल्डन ऑवर” यानी पहला एक घंटा जान बचाने के लिए सबसे अहम होता है और ऐसे मौकों पर अगर कोई जिम्मेदार नागरिक आगे आ जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।