बहरोड़ में दिल दहला देने वाला हादसा: चलती बाइक पर जर्जर मकान का छज्जा गिरा, पिता की मौत, जुड़वा बच्चे गंभीर रूप से घायल
बहरोड़ (अलवर) में बुधवार सुबह एक जर्जर मकान का छज्जा अचानक टूटकर चलती बाइक पर गिर गया। बाइक पर सवार पिता रतनलाल (32) और उनके 10 वर्षीय जुड़वा बच्चे हिमांशी व हिमांशु मलबे में दब गए। बच्चों को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया, जबकि इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई। हादसा स्कूल छोड़ने जाते समय खटिकों के मोहल्ले में हुआ। स्थानीय लोग मलबा हटाकर घायलों को निकाले। प्रशासन ने जर्जर मकानों के सर्वे और कार्रवाई का भरोसा दिया।
अलवर जिले के बहरोड़ कस्बे में एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा हुआ है। बुधवार सुबह करीब 8:15 बजे खटिकों के मोहल्ले में एक पुराने और जर्जर मकान का छज्जा अचानक भरभराकर टूटकर गिर गया। यह छज्जा ठीक उसी समय चलती बाइक पर जा गिरा, जिस पर नीमराना के गांव कोलीला निवासी रतनलाल (32 वर्ष) अपने 10 साल के जुड़वा बच्चों हिमांशी और हिमांशु को स्कूल छोड़ने जा रहे थे। तीनों मलबे में दब गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे का विवरण
रतनलाल पेशे से एक निजी अस्पताल में लेब टेक्नीशियन थे। वे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बहरोड़ में ससुराल में रहते थे। उस सुबह वे बच्चों को स्कूल ड्रॉप करने के लिए बाइक पर सवार होकर निकले थे। जैसे ही वे खटिकों के मोहल्ले से गुजर रहे थे, तभी एक सालों से बंद पड़े जर्जर मकान का छज्जा (बालकनी/छज्जा) टूटकर सीधे उनकी बाइक पर आ गिरा। तेज आवाज के साथ मलबा गिरने से पिता और दोनों मासूम बच्चे मलबे के नीचे दब गए।मोहल्ले के लोग जयसिंह और दीपक लखेरा ने बताया कि छज्जा गिरने की तेज आवाज सुनते ही आस-पास के निवासी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने मिलकर मलबा हटाकर तीनों घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल बहरोड़ के जिला अस्पताल ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
घायलों की स्थिति और दुखद नतीजा
हिमांशी (बेटी): चेहरे के बाईं तरफ आंख के नीचे गंभीर चोट आई है।हिमांशु (बेटा): बाईं टांग में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। दोनों बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जयपुर के उच्च स्तरीय अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।दुर्भाग्यवश, पिता रतनलाल के सिर में गंभीर चोट लगी थी। उन्हें बहरोड़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार और मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया है।
स्थानीय लोगों की मांग और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों और मोहल्लेवासियों ने मौके पर पहुंचकर गहरा दुख जताया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पुराने और जर्जर मकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां दोबारा न हों।नगर परिषद कमिश्नर नूर मोहम्मद ने बताया, "हमने पहले एक सर्वे करवाया था, जिसमें जो मकान सामने आए थे, उन्हें नोटिस जारी कर मरम्मत के निर्देश दिए गए थे। लेकिन यह वाला मकान हमारी पिछली जानकारी में नहीं था। हादसे की सूचना मिलते ही हमने तुरंत सर्वे शुरू करवा दिया है और जल्द ही नोटिस जारी कर उचित कार्रवाई की जाएगी।"