खाटूश्यामजी में सक्रिय चेन स्नेचिंग गिरोह का भंडाफोड़: महिलाएं करती थीं चोरी, पुरुष छिपाते थे माल – पति-पत्नी समेत 18 गिरफ्तार
राजस्थान के सीकर स्थित खाटूश्यामजी मंदिर में सक्रिय एक संगठित चेन स्नैचिंग गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। गिरोह में महिलाएं श्रद्धालुओं को बातों में उलझाकर सोने की चेन छीनती थीं, जबकि पुरुष साथी चोरी का माल छिपाते थे। नए साल की भीड़ में पुलिस की विशेष प्लानिंग से पति-पत्नी समेत कुल 18 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इस कार्रवाई से मंदिर में एक भी चोरी की घटना नहीं हुई।
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर परिसर में नए साल के अवसर पर बड़ी पुलिस कार्रवाई हुई। पुलिस ने एक संगठित चेन स्नेचिंग गिरोह के 18 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में कई पति-पत्नी के जोड़े और रिश्तेदार शामिल हैं, जो परिवारिक रूप से जुड़े हुए थे। गिरोह की खासियत यह थी कि महिलाएं वारदात को अंजाम देती थीं, जबकि पुरुष चोरी का माल छिपाने और संभालने का काम करते थे।
गिरोह की कार्यप्रणाली: बातों में उलझाकर छीनते थे सोने की चेन यह गिरोह पिछले सात-आठ महीनों से सक्रिय था। सदस्य मुख्य रूप से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न इलाकों से थे। वे भीड़भाड़ वाले दिनों, खासकर एकादशी और मासिक मेले के दौरान किराए की गाड़ी से खाटूश्यामजी पहुंचते थे। मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं को टारगेट बनाते थे।महिलाएं एक ग्रुप बनाकर पीड़ित के चारों ओर घेरा बना लेती थीं।बातों में उलझाकर ध्यान भटकाती थीं और मौका मिलते ही गले से सोने की चेन छीन लेती थीं।वारदात के तुरंत बाद महिलाएं या तो मौके से फरार हो जाती थीं या चेन को अपने पुरुष साथियों को सौंप देती थीं।इसका मकसद यह था कि अगर महिलाएं पकड़ी भी जाएं, तो उनसे चोरी का माल बरामद न हो सके। पुरुष सदस्य माल छिपाकर सुरक्षित जगह ले जाते थे।भीड़ इतनी ज्यादा होती थी कि शिकार को पता लगने तक आरोपी फरार हो जाते थे। इससे पहले एकादशी और मेले के दौरान कई चेन स्नेचिंग और जेबकटाई की घटनाएं दर्ज हुई थीं।
नए साल पर पुलिस की प्लानिंग से मिली सफलता इस बार नए साल (1 जनवरी) के मौके पर भारी भीड़ की उम्मीद थी। पुलिस ने पहले से प्लानिंग की और गिरोह को वारदात करने का मौका ही नहीं दिया। एसएचओ पवन कुमार चौबे के नेतृत्व में डीएसटी टीम के इंचार्ज वीरेंद्र यादव, कैलाश चंद यादव और अन्य सदस्यों की टीम ने विशेष रणनीति बनाई।दर्शन की एंट्री एरिया से एग्जिट एरिया तक सादा वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए गए।पहले की घटनाओं के पैटर्न पर नजर रखी गई।संदिग्धों पर निगरानी रखते हुए गिरोह के सदस्यों को भीड़ में ही दबोच लिया गया।पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदातें कबूल कर लीं।एसएचओ चौबे ने बताया कि पुलिस की सतर्कता के कारण इस बार इतनी भारी भीड़ के बावजूद एक भी चेन स्नेचिंग की घटना नहीं हुई। गिरोह को पकड़ने में सादा वर्दी वाली टीम की भूमिका अहम रही।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची पुलिस ने कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और पुरुष रिश्तेदार हैं। मुख्य आरोपी इस प्रकार हैं:महिलाएं:भूमिका (20), पत्नी दीपक (निवासी नरेडा पटोदी),पिंकी (27), पत्नी मनोज बावरिया (निवासी बहरोड),पूजा (28), पत्नी सोनू (निवासी नरेडा),टीना (29), पत्नी विकास (निवासी नरेडा),शर्मिला (37), पत्नी रामचंद्र (निवासी नरेडा),ज्योति (30), पत्नी राजकुमार (निवासी फिरोजपुर),काजल (20), पुत्री सुंदरलाल (निवासी झज्जर),राखी कुमारी (23), पुत्री रमेश (निवासी गाजियाबाद),दर्शना (40), पत्नी राजू (निवासी गाजियाबाद),कोमल (22), पुत्री रामानंद (निवासी नरेडा)
पुरुष:जयपाल (62), पुत्र चंद्रभान (निवासी फिरोजपुर),राजकुमार (30), पुत्र जयपाल (निवासी फिरोजपुर),जयकरण (34), पुत्र रमेश (निवासी हरियाणा),मोहनसिंह (24), पुत्र भूपसिंह (निवासी नरेडा),दीपक (22), पुत्र राजू (निवासी नरेडा),भरतपाल (21), पुत्र राजेश (निवासी नरेडा),रोहित (24), पुत्र किशनपाल (निवासी नरेडा),प्रवीण चौहान (23), पुत्र उम्मेद सिंह (निवासी नरेडा)।ये आरोपी मुख्य रूप से नरेडा (हरियाणा), फिरोजपुर, गाजियाबाद और अन्य जगहों के रहने वाले हैं। कई जोड़े पति-पत्नी के रूप में गिरोह में शामिल थे।
पुलिस की सतर्कता से श्रद्धालुओं को राहत खाटूश्यामजी मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, खासकर एकादशी और नए साल पर। चेन स्नेचिंग जैसी घटनाएं श्रद्धालुओं के लिए बड़ा खतरा थीं। इस सफल कार्रवाई से न केवल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, बल्कि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लगेगा। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भीड़ में सतर्क रहें और कीमती जेवरात पहनकर आने से बचें।यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस की सक्रियता का उदाहरण है, जिससे मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। मामले की आगे की जांच जारी है, और चोरी के माल की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।