जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर भीषण बस-ट्रेलर भिड़ंत: 4 श्रद्धालुओं की मौत, 16 घायल; रामदेवरा दर्शन कर गुजरात लौट रहे थे यात्री
जोधपुर-जैसलमेर नेशनल हाईवे पर केरू गांव के पास बस और ट्रेलर की आमने-सामने भीषण टक्कर में 4 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 16 घायल हुए। सभी यात्री गुजरात के अरवल्ली जिले से रामदेवरा दर्शन कर लौट रहे थे। हादसा शाम 4:30 बजे हुआ, घायलों को MDM अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस जांच कर रही है।
जोधपुर, 20 जनवरी 2026: राजस्थान के जोधपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें रामदेवरा के दर्शन कर गुजरात लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस और एक ट्रेलर के बीच आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 16 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी यात्री गुजरात के अरवल्ली जिले के रमाना रूपण गांव के निवासी थे।
हादसा जोधपुर-जैसलमेर नेशनल हाईवे (NH-125) पर केरू गांव के पास मुलानाडा रॉयल्टी नाके के निकट मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे हुआ। पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार, बस और ट्रेलर की तेज रफ्तार के कारण यह भयानक टक्कर हुई, जिससे बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे का विवरण
बस में कुल 20 यात्री सवार थे, जो बाबा रामदेव (रामदेवरा, जैसलमेर) के दर्शन करके अपने गांव गुजरात लौट रहे थे।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के कई हिस्से उखड़ गए और यात्री बस के अंदर फंस गए।
ग्रामीणों और पुलिस ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायलों को बस से बाहर निकालकर एम्बुलेंस की मदद से जोधपुर के मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल पहुंचाया गया।मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
पुलिस का बयान
शास्त्री नगर थानाधिकारी जुल्फिकार ने बताया कि हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है। शेष 16 घायलों का MDM अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य का उपचार जारी है। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जिसमें ओवरस्पीडिंग, लेन बदलने या अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की संभावना जताई जा रही है।
श्रद्धालुओं की पीड़ा
यह हादसा उन श्रद्धालुओं के लिए और भी दुखद है, जो धार्मिक यात्रा पूरी करके खुशी-खुशी घर लौट रहे थे। रामदेवरा मंदिर बाबा रामदेव के भक्तों के लिए प्रमुख तीर्थस्थल है, और इस मौसम में गुजरात-राजस्थान के बीच ऐसी यात्राएं आम हैं। हादसे ने परिवारों में शोक की लहर दौड़ा दी है।