जालोर में ‘सरकारी नौकरी’ के नाम पर 15 करोड़ की ठगी! फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर चलाया बड़ा सिंडिकेट

राजस्थान के जालोर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर लोगों को नौकरी तक करवाई गई, लेकिन रिकॉर्ड में उनका नाम तक नहीं मिला।

Mar 30, 2026 - 12:30
जालोर में ‘सरकारी नौकरी’ के नाम पर 15 करोड़ की ठगी! फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर चलाया बड़ा सिंडिकेट
जालोर में ‘सरकारी नौकरी’ के नाम पर 15 करोड़ की ठगी! फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर चलाया बड़ा सिंडिकेट

जालोर: सरकारी नौकरी का सपना हर युवा देखता है… लेकिन राजस्थान के जालोर में यही सपना सैकड़ों लोगों के लिए सबसे बड़ा धोखा बन गया। यहां एक संगठित गिरोह ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठग लिए—और हैरानी की बात यह है कि पीड़ितों को फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर बाकायदा काम तक करवाया गया।

इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है राकेश जीनगर, जो पिछले करीब 4 साल से इस ठगी के नेटवर्क को चला रहा था। अब तक 30 से ज्यादा पीड़ित सामने आ चुके हैं, जबकि आशंका है कि करीब 200 लोगों से 12 से 15 करोड़ रुपये वसूले गए।

कैसे रचा गया ठगी का जाल?

आरोपी ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का लालच दिया। बदले में उनसे 3 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक वसूले गए। भरोसा जीतने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए और इतना ही नहीं—कुछ लोगों को नगर निकायों में जॉइनिंग तक करवा दी गई।

सबसे बड़ा खुलासा

जब मामला सामने आया तो जालोर नगर परिषद के रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच में पता चला कि जिन नियुक्तियों के आधार पर लोग काम कर रहे थे, उनका कोई रिकॉर्ड ही मौजूद नहीं है। आवक-जावक (Inward-Outward) रजिस्टर में भी इन नियुक्तियों का कोई जिक्र नहीं मिला।

तत्कालीन आयुक्त दिलीप माथुर ने साफ कहा कि परिषद की ओर से ऐसी कोई नियुक्ति जारी ही नहीं की गई। यानी, जिन लोगों को लगा कि वे सरकारी कर्मचारी बन चुके हैं—वे दरअसल एक बड़े ठगी नेटवर्क का हिस्सा बन चुके थे।

पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही

शनिवार को कोतवाली थाने में 3 और पीड़ितों ने FIR दर्ज करवाई। पुलिस अब लगातार बयान दर्ज कर रही है और नए-नए खुलासे हो रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल

इतना बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बावजूद मुख्य आरोपी राकेश जीनगर अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
क्या इस ठगी के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है?
क्या इसमें कुछ सफेदपोश चेहरे भी शामिल हैं?

Kashish Sain Bringing truth from the ground