क्या अब सड़कों पर चलना भी सुरक्षित नहीं रहा…या बढ़ रहा है अपराधियों का हौसला?

जयपुर की सड़कों से सामने आई एक और डराने वाली तस्वीर… एक वीडियो ने खड़े कर दिए कई बड़े सवाल। आखिर क्या हो रहा है राजधानी में, और क्यों बढ़ता जा रहा है ये खतरा?

Apr 12, 2026 - 11:19
क्या अब सड़कों पर चलना भी सुरक्षित नहीं रहा…या बढ़ रहा है अपराधियों का हौसला?

राजस्थान की राजधानी जयपुर में लगातार सामने आ रही छेड़छाड़ की घटनाओं ने शहर की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। हाल ही में सामने आए दो मामलों ने न सिर्फ लोगों को झकझोर दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले एक युवती के साथ बाइक सवार द्वारा छेड़खानी का मामला सामने आया था, और अब मालवीय नगर इलाके में एक गर्भवती महिला के साथ हुई शर्मनाक घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है।

वायरल वीडियो ने खोली हकीकत

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक असामाजिक तत्व गली में जा रही एक गर्भवती महिला को पीछे से पकड़कर छेड़छाड़ करता है। यह घटना 25 मार्च की बताई जा रही है।

वीडियो में महिला के चिल्लाने पर आरोपी मौके से फरार हो जाता है। यह दृश्य न सिर्फ डरावना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अपराधी किस कदर बेखौफ हो चुके हैं।

पुलिस हरकत में, जांच शुरू

मामले के सामने आने के बाद पुलिस अब सक्रिय हो गई है। एसीपी विनोद कुमार शर्मा के अनुसार, वायरल वीडियो और मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

हालांकि, यह भी एक अहम सवाल है कि क्या पुलिस की कार्रवाई केवल घटनाओं के सामने आने के बाद ही सीमित रह जाती है?

लगातार बढ़ते मामलों से उठे सवाल

जयपुर में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आना बेहद चिंताजनक है। हर बार कोई वीडियो वायरल होता है, और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई शुरू होती है—लेकिन इन घटनाओं को पहले ही रोकने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे?

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शहर में एक डर का माहौल बनता जा रहा है। दिनदहाड़े इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अपराधियों में कानून का खौफ कम होता जा रहा है।

क्या है आगे की राह?

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। जरूरत है मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर पेट्रोलिंग, सीसीटीवी निगरानी और सख्त कानून के पालन की।

साथ ही, समाज में जागरूकता और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना भी उतना ही जरूरी है।

बड़ा सवाल…

क्या जयपुर जैसे शहर में महिलाएं अब भी सुरक्षित हैं?
या फिर हर नई घटना के साथ यह भरोसा धीरे-धीरे टूटता जा रहा है?

यह सवाल सिर्फ प्रशासन के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है।