क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ? आर्मी चीफ का बड़ा संकेत- जरूरत पड़ी तो तैयार है ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की 150वीं पासिंग आउट परेड में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

May 30, 2026 - 13:10
क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ? आर्मी चीफ का बड़ा संकेत- जरूरत पड़ी तो तैयार है ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को पुणे के खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की 150वीं पासिंग आउट परेड में देश की सैन्य तैयारियों और भविष्य की युद्ध रणनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि वर्तमान में केवल संघर्षविराम जैसी स्थिति है।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि यदि परिस्थितियां मांग करती हैं तो भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ चलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके इस बयान को राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य रणनीति के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने तय किया नया बेंचमार्क

सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि भारत किसी भी उकसावे या चुनौती का जवाब किस प्रकार देता है। उन्होंने NDA से पास आउट हो रहे कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने सैन्य जीवन की शुरुआत इसी भावना और संकल्प के साथ करें।

उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं था, बल्कि भारत की रणनीतिक क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और तीनों सेनाओं के तालमेल का उदाहरण भी था।

NDA की 150वीं पासिंग आउट परेड में दिखी सैन्य शक्ति

पुणे स्थित NDA में आयोजित 150वीं पासिंग आउट परेड में कुल 355 कैडेट अफसरों ने हिस्सा लिया। सेना प्रमुख ने रिव्यूइंग ऑफिसर के रूप में परेड की सलामी ली।

इस दौरान कैडेट्स ने शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जबकि फ्लाईपास्ट में भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर शामिल रहे। कार्यक्रम में:

  • Su-30 MKI लड़ाकू विमान
  • चेतक हेलिकॉप्टर
  • सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम
  • आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम

ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

आधुनिक युद्ध पूरी तरह बदल चुका है

जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज का युद्ध पहले जैसा नहीं रहा। आधुनिक युद्ध अब पूरी तरह पारदर्शी हो चुका है, जहां 24 घंटे निगरानी और सूचना संग्रहण चलता रहता है।

उन्होंने नए अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि:

  • सैनिकों की तैनाती में सावधानी जरूरी है।
  • ऑपरेशन की गोपनीयता बनाए रखना चुनौती बन चुका है।
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

सूचना युद्ध में जनता का भरोसा सबसे बड़ा हथियार

सेना प्रमुख ने कहा कि आज के दौर में इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर (सूचना युद्ध) भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पारंपरिक युद्ध।

उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसके नागरिकों और संस्थाओं के बीच विश्वास होता है। यदि जनता अपने सूचना स्रोतों और संस्थानों पर भरोसा करती है, तो दुश्मन की दुष्प्रचार रणनीति कमजोर पड़ जाती है।

AI और ऑटोमेशन बनेंगे भविष्य की सेना की ताकत

जनरल द्विवेदी ने कहा कि युद्ध की गति लगातार बढ़ रही है और ऐसे में तेजी से निर्णय लेने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में:

  • AI आधारित सैन्य निर्णय प्रणाली
  • स्वचालित निगरानी तंत्र
  • स्मार्ट युद्ध प्रबंधन
  • रियल टाइम डेटा विश्लेषण

भारतीय सेना की क्षमताओं को नई ऊंचाई देंगे।

अगले 2-3 साल में लागू हो सकता है थिएटर कमांड सिस्टम

थिएटर कमांड व्यवस्था को लेकर भी सेना प्रमुख ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि:

  • थिएटराइजेशन की पूरी रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंप दी गई है।
  • विभिन्न स्तरों पर समीक्षा प्रक्रिया जारी है।
  • अगले 2 से 3 वर्षों में यह व्यवस्था जमीन पर लागू होती दिखाई दे सकती है।

नई प्रणाली के तहत:

  • सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख अपनी-अपनी सेनाओं की तैयारी और संसाधनों का प्रबंधन करेंगे।
  • थिएटर कमांडर संयुक्त सैन्य अभियानों का नेतृत्व करेंगे।

इससे तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और तेज निर्णय प्रक्रिया संभव होगी।

भविष्य के युद्ध साइबर और अंतरिक्ष में भी लड़े जाएंगे

जनरल द्विवेदी ने कहा कि भविष्य की लड़ाइयां केवल जमीन, समुद्र और हवा तक सीमित नहीं रहेंगी।

उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में युद्ध के नए मोर्चे होंगे:

  • साइबर स्पेस
  • अंतरिक्ष (Space Domain)
  • इलेक्ट्रॉनिक युद्ध
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित युद्ध प्रणाली

इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना ‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ पहल के तहत खुद को आधुनिक बना रही है।

विदेशी कैडेट भी बने NDA परिवार का हिस्सा

इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड में 12 मित्र देशों के 24 विदेशी कैडेटों ने भी हिस्सा लिया। सेना प्रमुख ने कहा कि भले ही ये कैडेट अलग-अलग देशों से आते हों, लेकिन NDA ने उन्हें समान सैन्य मूल्यों, अनुशासन और नेतृत्व की भावना से जोड़ा है। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले चीता स्क्वाड्रन को भी बधाई दी।

नए CDS की नियुक्ति का भी हुआ ऐलान

इसी बीच केंद्र सरकार ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे 31 मई से कार्यभार संभालेंगे। वहीं वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नया नौसेना प्रमुख बनाया गया है।

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