आसाराम को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: उम्रकैद की सजा बरकरार, दिल्ली से जोधपुर पहुंचकर करेंगे सरेंडर

नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत की सजा को बरकरार रखते हुए तत्काल सरेंडर के आदेश दिए, जिसके बाद आसाराम दिल्ली से जोधपुर पहुंच गए हैं और अब उन्हें फिर से सेंट्रल जेल भेजा जा रहा है।

May 28, 2026 - 15:30
आसाराम को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: उम्रकैद की सजा बरकरार, दिल्ली से जोधपुर पहुंचकर करेंगे सरेंडर

नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी करार दिए गए स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम एक बार फिर जोधपुर सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने वाले हैं। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ से बड़ा कानूनी झटका मिलने के बाद गुरुवार को आसाराम दिल्ली से एयर इंडिया की फ्लाइट के जरिए जोधपुर पहुंचे। अदालत के आदेश के अनुसार एयरपोर्ट से सीधे उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया जा रहा है, जहां वे जेल प्रशासन के सामने औपचारिक रूप से सरेंडर करेंगे।

हाईकोर्ट ने बरकरार रखी उम्रकैद की सजा

राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बैंच ने बुधवार को इस बहुचर्चित मामले में अपना अहम फैसला सुनाया था। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई “अंतिम सांस तक आजीवन कारावास” की सजा को पूरी तरह बरकरार रखा।

हालांकि अदालत ने आसाराम को आंशिक राहत देते हुए सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ी कुछ धाराओं से बरी किया, लेकिन मुख्य आरोपों में दी गई उम्रकैद की सजा में किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आसाराम तुरंत सरेंडर करें और जेल प्रशासन के समक्ष पेश हों।

पैरोल खत्म होते ही टूटी राहत की उम्मीद

आसाराम पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी कारणों और इलाज के आधार पर पैरोल पर जेल से बाहर चल रहे थे। उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिल सकती है, लेकिन अदालत के फैसले के बाद उनकी सभी उम्मीदों पर विराम लग गया।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए। दिल्ली से जोधपुर पहुंचने के दौरान एयरपोर्ट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति पैदा न हो।

एयरपोर्ट से सीधे सेंट्रल जेल रवाना

जोधपुर सिविल एयरपोर्ट पर उतरने के बाद आसाराम का काफिला भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीधे सेंट्रल जेल के लिए रवाना हो गया। प्रशासन ने पूरे रूट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी। बताया जा रहा है कि जेल पहुंचने के बाद आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ही अब आखिरी विकल्प

हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब आसाराम के पास केवल सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचा है। हालांकि फिलहाल उन्हें उसी जोधपुर सेंट्रल जेल में लौटना होगा, जहां वे साल 2018 में दोषी ठहराए जाने के बाद से बंद थे।

यह मामला देशभर में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और हाईकोर्ट के इस फैसले को पीड़िता के पक्ष में बड़ा न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।

Web Desk Web Desk The Khatak