“100 नहीं, टीम की जीत जरूरी”: वैभव सूर्यवंशी बोले- कार्टून देखकर करता हूं रिलैक्स, पिता के त्याग को कभी नहीं भूल सकता

राजस्थान रॉयल्स के युवा स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत शतक से ज्यादा टीम की जीत मायने रखती है।

May 29, 2026 - 16:58
“100 नहीं, टीम की जीत जरूरी”: वैभव सूर्यवंशी बोले- कार्टून देखकर करता हूं रिलैक्स, पिता के त्याग को कभी नहीं भूल सकता

आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार बल्लेबाजी कर सुर्खियां बटोर रहे युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी लगातार चर्चा में बने हुए हैं। कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और परिपक्व सोच से उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया है। हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान वैभव ने क्रिकेट, परिवार, संघर्ष और निजी जिंदगी को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। वैभव सूर्यवंशी ने साफ कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड या शतक से ज्यादा टीम की जीत मायने रखती है। उनका मानना है कि क्रिकेट एक टीम गेम है और खिलाड़ी की असली सफलता वही है, जब उसका प्रदर्शन टीम को जीत दिलाए।

“100 नहीं, 80 रन बनाकर भी टीम जीत जाए तो वही बड़ी उपलब्धि”

वैभव ने बताया कि बचपन से उनके पिता ने उन्हें टीम के लिए खेलने की सीख दी। उन्होंने कहा कि उनके पिता हमेशा कहते थे कि अगर खिलाड़ी 100, 200 या 300 रन भी बना ले लेकिन टीम हार जाए तो उन रनों का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने कहा “अगर मैं 100 की जगह 80 रन बनाकर टीम को मैच जिता पा रहा हूं तो मेरे लिए वही सबसे बड़ी उपलब्धि है। टीम की जीत सबसे ज्यादा जरूरी है।” वैभव का मानना है कि टीम की जीत से खिलाड़ी को लगातार मौके मिलते हैं और इससे उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यही सोच उन्हें हर मैच में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।

क्रिकेट से एक दिन भी दूर रहना मुश्किल

वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि उन्हें हर दिन क्रिकेट खेलने और प्रैक्टिस करने की आदत है। अगर वह एक दिन भी क्रिकेट से दूर रहते हैं तो उन्हें अजीब महसूस होने लगता है। उन्होंने कहा कि अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी उन्होंने आराम नहीं किया और तुरंत दोबारा प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। उनके पिता भी चाहते थे कि वह लगातार मेहनत करते रहें क्योंकि जल्द ही आईपीएल शुरू होने वाला था। वैभव का सपना सिर्फ आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए खेलना और देश का प्रतिनिधित्व करना है।

दबाव से बाहर निकलने के लिए देखते हैं कार्टून

क्रिकेट के लगातार दबाव और व्यस्त शेड्यूल के बीच वैभव खुद को रिलैक्स रखने के लिए कार्टून देखते हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें कार्टून देखना बेहद पसंद है। वैभव ने कहा “जब मैं घर पर रहता था, तब मैच और प्रैक्टिस के बाद खाली समय में टीवी पर कार्टून देखता था। आज भी जब मुझे रिलैक्स होना होता है तो कार्टून देखना पसंद करता हूं। इससे घर की याद भी आती है और मन को काफी सुकून मिलता है।”

“जिन खिलाड़ियों को टीवी पर देखा, आज वही मैसेज करते हैं”

वैभव ने कहा कि जिन क्रिकेटरों को वह बचपन में टीवी पर देखकर बड़े हुए, आज वही खिलाड़ी उन्हें मैसेज करते हैं। यह उनके लिए बेहद गर्व और खुशी का पल होता है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी है, लेकिन वह आज भी जमीन से जुड़े रहने की कोशिश करते हैं।

पिता के त्याग को कभी नहीं भूल सकते

वैभव ने अपने पिता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उनके करियर के लिए काफी त्याग किया है और वही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा “मैं आज भी अपनी हर बात सबसे पहले अपने पिता से शेयर करता हूं। उन्होंने मेरे लिए बहुत कुछ सैक्रिफाइस किया है, जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता।”

घर का खाना पसंद, आइसक्रीम है फेवरेट चीट मील

वैभव ने बताया कि उन्हें घर का बना सादा खाना सबसे ज्यादा पसंद है। हालांकि जब भी मौका मिलता है तो वह आइसक्रीम खाना पसंद करते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आइसक्रीम उनकी फेवरेट चीट मील है और आज भी मौका मिलते ही वह इसे जरूर खाते हैं।

बच्चों और युवा खिलाड़ियों को दी खास सलाह

कम उम्र के खिलाड़ियों और छात्रों को सलाह देते हुए वैभव ने कहा कि जिंदगी में कोई भी सफलता एकदम से नहीं मिलती। हर चीज स्टेप बाय स्टेप हासिल होती है। उन्होंने कहा “सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, चाहे कोई भी खेल हो या पढ़ाई, मेहनत और पेशेंस बहुत जरूरी है। सही समय पर मेहनत का रिजल्ट जरूर मिलता है।”

युवाओं के लिए बन रहे प्रेरणा

राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं। कम उम्र में मिली सफलता के बावजूद उनका शांत स्वभाव, टीम के प्रति सोच और परिवार के प्रति सम्मान लोगों को काफी प्रभावित कर रहा है। उनकी कहानी यह बताती है कि प्रतिभा के साथ अगर मेहनत, अनुशासन और धैर्य हो तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

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