ट्विशा शर्मा मौत मामला: जिस कोर्ट में थीं जज, उसी में कटघरे में खड़ी हुईं गिरिबाला; CBI ने पूछा- कसूर नहीं था तो बेटा फरार क्यों हुआ?

एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। रिटायर्ड जज गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ से पूछताछ के लिए 50 से ज्यादा सवाल तैयार किए गए हैं।

May 30, 2026 - 10:59
ट्विशा शर्मा मौत मामला: जिस कोर्ट में थीं जज, उसी में कटघरे में खड़ी हुईं गिरिबाला; CBI ने पूछा- कसूर नहीं था तो बेटा फरार क्यों हुआ?

एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। मृतका की सास एवं रिटायर्ड जज गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ शर्मा से गहन पूछताछ शुरू हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने गिरिबाला से पूछताछ के लिए 50 से अधिक सवालों की सूची तैयार की है, जबकि कई अतिरिक्त सवाल भी अलग से तैयार किए गए हैं।

CBI का पहला सवाल ही बना मुश्किल

पूछताछ के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने गिरिबाला से सबसे पहले पूछा कि जब उन्हें खुद पर कोई शक नहीं था और वह कानून की जानकार रही हैं, तो एफआईआर दर्ज होने से पहले अग्रिम जमानत के लिए आवेदन क्यों किया गया?

इसके बाद दूसरा महत्वपूर्ण सवाल उनके बेटे समर्थ शर्मा को लेकर था। सीबीआई ने पूछा कि आखिर समर्थ को कुछ समय तक सामने नहीं आने और फरार रहने की सलाह क्यों दी गई?

जानकारी के अनुसार, शुरुआत में गिरिबाला ने इन सवालों पर चुप्पी साध ली, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि यह निर्णय गलत था। उन्होंने माना कि उनके इन कदमों ने जांच एजेंसियों के संदेह को और बढ़ा दिया।

12 मई को हुई थी ट्विशा की संदिग्ध मौत

ट्विशा शर्मा 12 मई की रात अपने घर में फंदे पर लटकी हुई मिली थीं। हालांकि, इस घटना को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक ओर ट्विशा के परिजन ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और दबाव बनाने के आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है।

मामले की गंभीरता और लगातार उठ रहे सवालों के चलते जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।

जिस कोर्ट में जज थीं, उसी कोर्ट में आरोपी की तरह पेश हुईं गिरिबाला

शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ को भोपाल कोर्ट में पेश किया गया। यह वही अदालत थी जहां गिरिबाला कभी जिला जज के रूप में न्यायिक जिम्मेदारियां निभा चुकी थीं।

करीब 90 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि समर्थ जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा है। एजेंसी को दोनों से आमने-सामने पूछताछ करनी है और कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाने हैं।

सीबीआई की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया। दिलचस्प बात यह रही कि रिमांड की मांग का उनके वकीलों ने कोई विरोध नहीं किया।

अब होगा घटनास्थल का रिक्रिएशन

जांच एजेंसी अब मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन कराने जा रही है।

समर्थ शर्मा ने अपने बयान में दावा किया है कि उन्होंने ही ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि उनकी मां गिरिबाला ने फंदे की गांठ खोली थी।

सीबीआई अब दोनों को घटनास्थल पर ले जाकर उस रात की घटनाओं को दोबारा दोहरवाएगी। इसके लिए लगभग 80 किलो वजन के डमी पुतले का उपयोग किया जाएगा। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश करेंगे कि समर्थ द्वारा बताए गए घटनाक्रम और वास्तविक परिस्थितियों में कितना सामंजस्य है।

इसके साथ ही गिरिबाला को यह भी दिखाना होगा कि उन्होंने कथित तौर पर फंदे की गांठ किस प्रकार खोली थी।

बयानों का होगा वैज्ञानिक विश्लेषण

सीबीआई पहले ही घर का निरीक्षण कर चुकी है और गिरिबाला व समर्थ के शुरुआती बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

अब एजेंसी इन बयानों का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगी और दोनों के जवाबों का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। शुरुआत में दोनों से अलग-अलग पूछताछ होगी। इसके बाद जिन बिंदुओं पर विरोधाभास मिलेगा, उन पर आमने-सामने बैठाकर सवाल किए जाएंगे।

जांच एजेंसी का मानना है कि इस प्रक्रिया से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

बेल्ट की मजबूती भी होगी जांच का हिस्सा

पूर्व डीजीपी सुभाषचंद्र त्रिपाठी के अनुसार, ऐसे मामलों में घटनास्थल का रिक्रिएशन जांच का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

इस केस में उस बेल्ट की भी जांच की जाएगी जिससे कथित रूप से फंदा लगाया गया था। विशेषज्ञ यह परीक्षण करेंगे कि संबंधित बेल्ट ट्विशा के वजन के बराबर भार सहन कर सकती थी या नहीं।

यह परीक्षण आत्महत्या के दावे और अन्य संभावित परिस्थितियों की जांच में अहम भूमिका निभा सकता है।

मौत के अगले दिन सीसीटीवी फुटेज जुटाने की कोशिश

जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्विशा की मौत के अगले दिन गिरिबाला ने घर में सीसीटीवी सिस्टम लगाने वाले तकनीशियन विनोद कुमार वाणी को तीन बार फोन किया था।

विनोद के अनुसार, गिरिबाला ने उन्हें बताया था कि घर में एक दुर्घटना हुई है और तत्काल सीसीटीवी फुटेज की आवश्यकता है। इसके बाद उनके कर्मचारी को मौके पर भेजा गया था।

सीबीआई अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आखिर फुटेज इतनी जल्दी हासिल करने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई।

ब्यूटी पार्लर में बिताए थे कई घंटे

सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन ट्विशा शर्मा एक ब्यूटी पार्लर गई थीं।

पार्लर कर्मचारियों के अनुसार, ट्विशा दोपहर करीब 3 बजे वहां पहुंची थीं और शाम 6:15 बजे तक रुकी रहीं। उन्होंने हेड ऑयल मसाज, पेडीक्योर और स्किन ट्रीटमेंट जैसी सेवाएं ली थीं। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि ट्विशा ने कहा था कि वह खुद को रिलैक्स महसूस करना चाहती हैं।

सीबीआई इस जानकारी को भी उनकी मानसिक स्थिति और दिनभर की गतिविधियों के संदर्भ में जांच रही है।

जांच के निष्कर्षों पर टिकी नजरें

देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर जांच के लिए जानी जाती है। ट्विशा शर्मा मौत मामले में भी एजेंसी हर पहलू को गहराई से खंगाल रही है।

फिलहाल रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ, घटनास्थल का रिक्रिएशन, फोरेंसिक विश्लेषण और सबूतों के सत्यापन पर जांच का फोकस रहेगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई और साजिश छिपी हुई है।

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