नौतपा में गर्मी गायब, फिर भी लोग बेहाल! आखिर बाड़मेर में क्यों बह रही रेत की ‘नदी’, कल से कैसा होगा मौसम?
नौतपा के छठे दिन भी बाड़मेर में भीषण गर्मी का पारंपरिक असर देखने को नहीं मिला, लेकिन उमस और तेज हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़कों पर उड़ती रेत पानी की धारा जैसी दिखाई दे रही है।
राजस्थान के रेगिस्तानी जिले बाड़मेर में नौतपा का छठा दिन भी सामान्य वर्षों से अलग नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और तेज लू लोगों का जीना मुश्किल कर देती है, वहीं इस बार मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि तापमान अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद उमस और तेज हवाओं ने लोगों की परेशानियां कम नहीं होने दी हैं।
शनिवार सुबह से ही तेज हवाएं चलने लगीं। हाईवे और शहर की सड़कों पर उड़ती रेत ने ऐसा दृश्य पैदा कर दिया मानो सड़क पर पानी बह रहा हो। कई जगह धूल और रेत के कारण दृश्यता प्रभावित हुई, जिससे वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नौतपा में नहीं पड़ रही पारंपरिक गर्मी
नौतपा के पहले पांच दिनों में भी बाड़मेर में वह तीखी और झुलसा देने वाली गर्मी देखने को नहीं मिली, जिसके लिए यह अवधि जानी जाती है। लगातार चल रही हवाओं के कारण लू का असर काफी कम रहा है।
हालांकि राहत की जगह लोगों को उमस ने परेशान कर रखा है। हवा में मौजूद नमी के कारण दिनभर चिपचिपाहट बनी रहती है और लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार हवाओं की दिशा और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण तापमान ज्यादा नहीं बढ़ पा रहा, लेकिन उमस का स्तर बढ़ गया है।
43.7 डिग्री तापमान, फिर भी राहत नहीं
शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तकनीकी रूप से तापमान पिछले दिनों की तुलना में कम रहा, लेकिन उमस के कारण लोगों को वास्तविक तापमान कहीं अधिक महसूस हुआ।
गौरतलब है कि इस सीजन में बाड़मेर का तापमान 48.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इसके बाद से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई और पारा 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
सड़कों पर उड़ रही रेत, ग्रामीण इलाकों में ज्यादा असर
शनिवार सुबह से तेज हवाओं के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रेत का असर साफ दिखाई दिया। राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर धूल और रेत उड़ती रही।
सीमावर्ती गांवों और रेतीले इलाकों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण रही। कई जगह रेत उड़कर सड़कों पर जमा हो गई, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार तेज हवा के झोंकों के कारण सामने का रास्ता तक स्पष्ट दिखाई नहीं देता।
31 मई से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग ने बाड़मेरवासियों के लिए राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 31 मई से 2 जून के बीच जिले में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
पूर्वानुमान के मुताबिक इस दौरान तेज आंधी, रेत के बवंडर और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है। यदि यह सिस्टम सक्रिय होता है तो पिछले कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है।
आंधी और बारिश से मिल सकती है राहत
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में बनने वाली मौसमी परिस्थितियों के कारण अगले कुछ दिनों में वातावरण में बदलाव देखने को मिलेगा। तेज हवाओं और संभावित बारिश से तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है।
किसानों, पशुपालकों और आमजन को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज आंधी और रेत के बवंडर कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं।
लोगों को मौसम बदलने का इंतजार
भीषण गर्मी की जगह उमस और धूलभरी हवाओं से जूझ रहे बाड़मेर के लोग अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर लगाए हुए हैं। यदि अगले 48 घंटों में बारिश और आंधी का दौर शुरू होता है तो नौतपा के अंतिम दिनों में लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
फिलहाल रेगिस्तान में उड़ती रेत और उमस भरे मौसम ने यह जरूर साबित कर दिया है कि इस बार नौतपा का रंग कुछ अलग है।