SMS स्टेडियम में सालभर क्रिकेट कराने की तैयारी: RCA ने खेल परिषद को दिया 48 लाख सालाना किराए का प्रस्ताव
राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी ने जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में सालभर क्रिकेट गतिविधियां बढ़ाने के लिए बड़ा प्रस्ताव दिया है। RCA ने खेल परिषद को प्रति माह 4 लाख रुपए यानी सालाना 48 लाख रुपए किराया देने और स्टेडियम के रखरखाव की जिम्मेदारी उठाने की पेशकश की है।
राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी ने प्रदेश में क्रिकेट को नई दिशा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। संघ ने जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सालभर अधिक क्रिकेट मुकाबले आयोजित करने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य खेल परिषद को नया प्रस्ताव सौंपा है।
इस प्रस्ताव के तहत RCA ने स्टेडियम के उपयोग के बदले प्रति माह 4 लाख रुपए यानी सालाना 48 लाख रुपए किराया देने की पेशकश की है। इसके साथ ही संघ ने स्टेडियम और RCA अकादमी मैदान के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी भी अपने स्तर पर संभालने की इच्छा जताई है।
खेल परिषद से हुई अहम बैठक
RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव और सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने शुक्रवार को राजस्थान राज्य खेल परिषद के सचिव राजकेश मीणा से मुलाकात की। इस दौरान सवाई मानसिंह स्टेडियम और RCA अकादमी मैदान पर क्रिकेट गतिविधियों के संचालन, रखरखाव और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में RCA की ओर से बताया गया कि वर्तमान किराया व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है, जिसके कारण राजस्थान क्रिकेट संघ को अपने अधिकांश घरेलू और आयु वर्ग के मुकाबले अन्य मैदानों पर आयोजित करने पड़ते हैं।
मौजूदा किराया व्यवस्था बनी बड़ी बाधा
डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया कि वर्तमान में BCCI टूर्नामेंट के प्रत्येक मुकाबले के लिए खेल परिषद को एक लाख रुपए किराया देना पड़ता है। वहीं RCA के घरेलू और अन्य क्रिकेट मुकाबलों के लिए प्रति मैच 50 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है।
किराया अधिक होने के कारण संघ के लिए SMS स्टेडियम में लगातार मुकाबले आयोजित करना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। परिणामस्वरूप पूरे वर्ष में होने वाले RCA के मुकाबलों में से केवल 5 प्रतिशत से भी कम मैच इस प्रतिष्ठित स्टेडियम में खेले जा पाते हैं।
खिलाड़ियों को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच
RCA का मानना है कि यदि नया प्रस्ताव लागू होता है तो प्रदेश के युवा क्रिकेटरों को जयपुर के अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान पर खेलने का अधिक अवसर मिलेगा।
संघ के अनुसार RCA हर वर्ष 300 से अधिक क्रिकेट मुकाबलों का आयोजन करता है। नई व्यवस्था लागू होने पर इनमें से बड़ी संख्या में मैच SMS स्टेडियम में कराए जा सकेंगे। इससे घरेलू क्रिकेट, अंडर एज प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों के आयोजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
रखरखाव की जिम्मेदारी भी उठाएगा RCA
प्रस्ताव के तहत RCA ने सिर्फ किराया देने की पेशकश ही नहीं की है, बल्कि स्टेडियम के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालने की बात कही है।
संघ अपने अनुभवी ग्राउंड स्टाफ, क्यूरेटर और करोड़ों रुपए की आधुनिक ग्राउंड मशीनरी उपलब्ध कराएगा, जिससे मैदान की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनी रहे।
डॉ. यादव का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में खिलाड़ियों को दूर-दराज के मैदानों पर खेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जबकि SMS स्टेडियम राजस्थान के क्रिकेटरों के लिए सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित मंच है।
घरेलू क्रिकेट को मजबूत करने की पहल
RCA ने केवल मैदानों की उपलब्धता बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि घरेलू क्रिकेट संचालन को और अधिक पेशेवर बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।
एडहॉक कमेटी सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने बताया कि संघ ने मैच रेफरी सेमिनार और परीक्षा का आयोजन किया है। इसका उद्देश्य पूर्व खिलाड़ियों के अनुभव का उपयोग करते हुए क्रिकेट प्रतियोगिताओं के संचालन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और अनुशासित बनाना है।
नई व्यवस्था में मैच रेफरी मैदान की स्थिति, आयोजन व्यवस्थाओं की गुणवत्ता, समय पर ओवर पूरे करवाने, अनुशासनात्मक मामलों की निगरानी और अंपायर रिपोर्ट के संकलन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगे।
40 पूर्व खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
RCA द्वारा आयोजित ऑनलाइन सेमिनार में 40 पूर्व खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसके बाद RCA अकादमी में आयोजित परीक्षा में 33 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।
परीक्षा में सफल होने के लिए 80 अंकों में न्यूनतम 35 अंक निर्धारित किए गए थे। कुल 22 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल घोषित हुए, जिन्हें भविष्य में मैच रेफरी की जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
क्रिकेट विकास की दिशा में बड़ा कदम
RCA का यह प्रस्ताव केवल किराया व्यवस्था बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य राजस्थान में क्रिकेट ढांचे को मजबूत करना और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
यदि खेल परिषद इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम पूरे साल क्रिकेट गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे न केवल खिलाड़ियों को फायदा होगा, बल्कि राजस्थान में क्रिकेट के विकास को भी नई गति मिलेगी।