AI से युवती की अश्लील तस्वीरें बनाकर किया वायरल: बॉर्डर के पास से दबोचा गया आरोपी, सोशल मीडिया पर कर रहा था ब्लैकमेल
जयपुर में साइबर अपराध के एक गंभीर मामले में पुलिस ने एआई तकनीक से युवती की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को श्रीगंगानगर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास से गिरफ्तार किया है।
जयपुर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग करते हुए एक युवती की तस्वीरों को एडिट कर अश्लील फोटो और वीडियो तैयार कर लिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने इन फर्जी तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर युवती और उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर वेस्ट पुलिस ने विशेष कार्रवाई करते हुए आरोपी को श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया की तस्वीरों का किया दुरुपयोग
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार, 17 मई को पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। युवती ने बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का नियमित उपयोग करती है और अपने परिवार के साथ फोटो एवं वीडियो साझा करती रहती है।
शिकायत के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी तस्वीरों और पहचान का गलत इस्तेमाल करते हुए फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट और ग्रुप बना लिए। इसके बाद उसकी तस्वीरों को एडिट कर अश्लील फोटो तैयार किए गए और उन्हें उसके परिचितों तथा अन्य लोगों को भेजना शुरू कर दिया गया।
वीडियो कॉल करने का दबाव और ब्लैकमेलिंग
पीड़िता ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी लगातार उसे परेशान कर रहा था। वह युवती और उसके परिवार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था तथा वीडियो कॉल करने के लिए दबाव बना रहा था।
आरोपी कथित तौर पर अश्लील सामग्री वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी कर रहा था। इस कारण पीड़िता और उसका परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।
पुलिस ने बनाई विशेष टीम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर वेस्ट पुलिस ने तत्काल एक विशेष जांच टीम गठित की। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल ट्रेल और अन्य साइबर साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान श्रीगंगानगर जिले के हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र स्थित ओडकी गांव निवासी 25 वर्षीय निर्मल सिंह पुत्र जोगिन्दर सिंह के रूप में की।
8 किलोमीटर पीछा कर किया डिटेन
आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद करधनी थाना पुलिस की टीम श्रीगंगानगर रवाना हुई। वहां स्थानीय पुलिस और हिंदूमलकोट थाना पुलिस के सहयोग से आरोपी की तलाश शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने करीब 7 से 8 किलोमीटर तक पीछा किया और आखिरकार उसे भारत-पाकिस्तान सीमा के पास से डिटेन कर लिया।
पूछताछ में आरोपी से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद 27 मई को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
मोबाइल फोन भी जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया, जिसका उपयोग कथित रूप से अश्लील सामग्री तैयार करने, सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने और ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया था।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए मोबाइल हैंडसेट को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति को भी इसी तरह निशाना बनाया था या नहीं।
AI तकनीक के दुरुपयोग पर बढ़ी चिंता
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल किस तरह लोगों की निजता और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों का दुरुपयोग कर फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री तैयार की जा सकती है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध और एआई आधारित फर्जी सामग्री तैयार करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।