मौसम ने बदला रुख, 15 राज्यों में अलर्ट! आंधी-बारिश ने ली 48 जानें, क्या समय से पहले दस्तक दे रहा मानसून?
देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बिहार और उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 48 लोगों की मौत हो चुकी है। 15 से अधिक राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं।
देशभर में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 15 से अधिक राज्यों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई राज्यों में मौसम का असर इतना गंभीर रहा कि पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश और बिहार में कुल 48 लोगों की मौत हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा। तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश की घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है।
यूपी और बिहार में सबसे ज्यादा तबाही
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी और तूफान ने भारी तबाही मचाई। विभिन्न जिलों में कुल 31 लोगों की मौत हो गई। सहारनपुर में तेज बारिश के बाद पहाड़ी इलाकों से पानी और मलबा नीचे आ गया, जिससे इनोवा, ट्रैक्टर समेत करीब 10 वाहन बह गए।
बिहार में भी हालात गंभीर रहे। आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 17 लोगों की जान चली गई। राजधानी पटना में खराब मौसम के कारण चार उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 18 फ्लाइट देरी से संचालित हुईं। इससे 500 से अधिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
राजस्थान समेत कई राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने 30 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भी तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी है। पंजाब के पठानकोट में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि मोहाली में तेज बारिश हुई।
हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार सक्रिय बना हुआ है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है जबकि मैदानी इलाकों में बारिश दर्ज की जा रही है।
हेमकुंड साहिब सहित कई ऊंचे क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई है। वहीं हिमाचल के रोहड़ू और मंडी क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फलों की फसल को नुकसान पहुंचा है।
झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी राहत के संकेत
झारखंड में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हुई है। हालांकि मौसम में बदलाव के कारण तापमान में 8 डिग्री से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और हीटवेव से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया है।
केरल में 7 दिन में पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले सात दिनों में केरल पहुंच सकता है। हालांकि इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका जताई गई है।
IMD के प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक जून से सितंबर के बीच देश में सामान्य औसत से कम वर्षा हो सकती है। इस बार मानसून सीजन में करीब 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है, जबकि सामान्य औसत 87 सेंटीमीटर माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की शुरुआती प्रगति सामान्य रह सकती है, लेकिन पूरे सीजन के दौरान वर्षा वितरण असमान रहने की संभावना है।
अगले दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान
31 मई
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राजस्थान के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट।
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हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
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उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना।
1 जून
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बिहार में 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट।
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तमिलनाडु में तेज हवाओं और बारिश की संभावना।
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पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी फसल और पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है।
देशभर में मौसम के इस बदले हुए मिजाज ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं कई राज्यों में जनजीवन को प्रभावित भी किया है। अब सभी की नजरें मानसून की आधिकारिक दस्तक और आगामी मौसम गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।